Village Life 2026 - शुरुवात गाँव से
क्या आप कभी ऐसे गाँव में आए हैं, जहां आपको कोई और खलिहान के सिवा कोई नहीं जानता। ऐसे लम्हों को जीने का अवसर हर किसी को नसीब नहीं होता है। जिन्हें यह अवसर नसीब होता है वही समझते हैं वास्तविक तौर पर की गांव क्या है?
गाँव की वादियां हमें बुलाती हैं, हमें अपनाती हैं। लेकिन सच तो यह है की हम कभी गाँव की आवाज़ को सुन ही नहीं पाते हैं। आज के अपने ब्लॉग "Silsila Zindagi Ka" में मै आपको लेकर चल रहा हूँ भारत के ऐसे गाँव में जहां की सुंदरता शब्दों में नहीं कही जा सकती है।
गाँव सुकून देता है, जीने का जूनून देता है. मैं आपको जो तस्वीरें दिखा रहा हूँ, ये गाँव की तस्वीरें दुनिया की सबसे शानदार तस्वीरें हैं. लहलहाते हुए सरसों के खेत, हरियाली और ठंडी हवा के साथ गाँव और भी खूबसूरत लगने लगता है.
जब आप गाँव की हरियाली के बीच खड़े होते हैं, तब आपको पता ही नहीं चलता है की कहाँ खड़े हैं. एक अजीब सा माहौल होता है, एक गज़ब का अपनापन महसूस होता है. अगर आपने गाँव की इन तस्वीरों को देख लिया तो यकीन मानिए,, गाँव के इन लम्हों से आपको मोहब्बत हो जायेगी.
मैं शहर की भागदौड़ और भीड़ से ज्यादा गाँव में ही रहना पसंद करता हूँ. खेत और खलिहानों के बीच, कच्ची सड़क पर, दूर कहीं गुज़रती हुयी गाड़ियों के नजारों के साथ. जहां ना कोइ कोलाहल है, ना कोइ बेचैनी और ना कोइ भागदौड़.
तरक्की कर रहे हैं गाँव
इसमें कोइ दो मत नहीं हैं की अब गाँव तरक्की कर रहे हैं. विकास की पटरी पर दिन प्रतिदिन भाग रहे हैं. उड़ान भर रहे हैं अपने उन रास्तों पर जहां से इनकी कहानी शुरू हुई थी. गाँव के दृश्यों को जिसने एक बार देख लिया और यहाँ की हवा को एक बार महसूस कर लिया, वो कभी भी गाँव को नहीं भूल सकता है.
उड़ान भरते गाँव
गाँव अब पहले जैसे नहीं रहे. बल्कि गाँव अब बदल रहे हैं. विकास की नई परिभाषा बना रहे हैं. तरक्की की नई डगर पर अपने क़दमों के निशाँ छोड़ रहे हैं. गाँव है तो सर पर छाँव है. किसी ने ठीक ही कहा था. आज गाँव आसमान में उड़ान भर रहे हैं. भाग रहे हैं एक ऐसे पथ पर जो आने वाले समय में गाँव की एक नई दिशा और दशा की झलक लेकर आयेगी.
अपनी पहचान बनाते गाँव
गाँव अब अपनी एक नई पहचान बना रहे हैं. एक ऐसी पहचान जो सदियों तक याद रखी जायेंगी. आने वाला वक़्त भी इस पहचान से रूबरू होकर यही कहेगा की शहर का वजूद गाँव के बिना अधूरा है. यहाँ कुछ नहीं है फिर भी बहुत कुछ है. यहाँ कुछ दिखता नहीं है, फिर भी बहुत कुछ दिखता है. यहाँ कुछ ज्यादा महसूस नहीं होता, फिर भी बहुत कुछ महसूस होता है.
रोज़गार की ओर कदम बढाते गाँव
2026 लोकसभा का बजट जिस तरह से पेश किया गया, उसके बाद भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्रे नरेंद्र मोदी ने कहा की इस बजट से गाँव में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. तो यह कहने में कोइ दो मत नहीं है की गाँव रोजगार की ओर भाग रहे हैं. नए-नए पथ की ओर अग्रसर होते हुए गाँव रोजगार पैदा कर रहे है, मानो शहर में रह रहे लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं और उन्हें आमंत्रित कर रहे हैं गाँव आने का.
बदलते गाँव, बदलती कहानी
यह बात बिलकुल सच है की गाँव बदल रहे हैं और गाँव की तस्वीर और तक़दीर की कहानी भी बदल रही है. गाँव अब एक ऐसी पटकथा लिख रहे हैं, जो युगों तक चमकती रहेंगी. गाँव के रास्ते, गाँव की वादियाँ अब एक नया मोड़ ले चुकी हैं. लम्बी चौड़ी सड़कें, दूर दूर तक फैले खेत, गाँव सच मुच अनोखा लगता है.
निष्कर्ष
तो गाँव सचमुच गाँव है. कभी फुर्सत मिले तो आईये गाँव की इन वादियों में, यहाँ खेतों में घूमिये. गांव से गाँव में मिलिए. यहाँ के लोगों से हाथ मिलाईये. यहाँ की तरक्की देखिये. यहाँ के नजारों को अपनी आंखों में कैद कीजिये. यकीन मानिए एक बार गाँव आने क बाद आप गाँव के ही हो जायेंगे.
कैसा लगा आपको हमारा आज का पोस्ट और गाँव की तस्वीरें, हमें जामेंट में जरूर बताईये और पढ़ते रहिये हमारा ब्लॉग silsilazindagika.










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