तुम्हारी यादों का सिलसिला - Silsila Zindagi Ka
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    तुम्हारी यादों का सिलसिला

    मेरी चाहत, मेरी महोब्बत का सिलसिला
    मेरी उल्फ़त, मेरी इबादत का सिलसिला
    सच कहता हूँ आज भी मेरे साथ रहता है
    हर  पल  तुम्हारी  यादों  का   सिलसिला।

    हर दिन, हर पल, हर जगह  मेरी तन्हाई  में
    तुम  ही  नज़र  आते  हो   मेरी  परछाई  में
    तुम मेरी सुबह में हो, तुम मेरी  शाम में   हो
    तुम मेरी बेचैनी में हो, तुम मेरे आराम में हो

    तुम मेरी मंज़िल हो, तुम मेरे  सफ़र  में  हो
    तुम हर वक़्त हर जगह मेरे हर पहर में  हो
    तुम मेरी साँसों में  हो, मेरी ज़िन्दगी में   हो
    तुम मेरे ग़म में हो और मेरी हर ख़ुशी में हो

    तुम मेरी ग़ज़ल में हो, तुम  मेरे  गीत  में  हो
    तुम मेरी नज़्म में हो,जीवन के संगीत में  हो
    तुम नहीं हो फिर भी लगता है ज़माने में  हो
    मेरी कविता, मेरी शायरी और फ़साने में हो

    मेरी चाहत, मेरी महोब्बत का सिलसिला
    मेरी उल्फ़त, मेरी इबादत का सिलसिला
    सच कहता हूँ आज भी मेरे साथ रहता है
    हर  पल  तुम्हारी  यादों  का   सिलसिला।



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