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    Women's Day Poem: Hindi Poem

    Women's Day Poem: Hindi Poem

    Nutan Phariya की कलम से
    ज़िन्दगी के हर पल की हो ऐसी अनुभूति,
    जहाँ हर सहर नूतन और सुरमयी शाम मिले।


     Women's Day Poem- Women's Day के ख़ास अवसर पर Nutan Phariya ने Women's Day Poem: Hindi Poem भेजा है। जिसे मैं "Silsila Zindagi Ka" के माध्यम से आप तक पहुंच रहा हूँ। 




    Women's Day Poem: Hindi Poem

    ज़िन्दगी के हर पल की हो ऐसी अनुभूति,
    जहाँ हर सहर नूतन और सुरमयी शाम मिले।

    हो ऐसी इच्छाशक्ति कि जीत मिले अहंकार पर,
    मनोरथ हो ऐसा कि धूमिल ना हो शुचिता मेरी।

    टेढ़ी-मेढ़ी धार हो मन की नन्ही सी कोमल नदी की तरह,
    हर पथ हो जाये सहज और आत्मचेतना को बल मिले।

    जीवन के हर पल की हो ऐसी अनुभूति
    जहाँ प्यार मिले, सम्मान मिले और खुशनुमा संसार मिले।

    दोस्तों! कैसी लगी नूतन फारिया की Women's Day Poem: Hindi Poem. मिलते हैं अगले पोस्ट के साथ अभी दीजिये इजाज़त। आपका Silsila Zindagi Ka यूँ ही आगे बढ़ता रहे।

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