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    जब तक दीवार बनकर खड़ी है गंगा, तब तक कैसे विकास करेगा नौरंगा?






    18 अप्रैल को नौरंगा ग्राम सभा कई नेताओं, मंत्रियों का आगमन हुआ था उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री दिनेश शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे, सांसद भरत सिंह के साथ -साथ अन्य कई दिग्गज नेताओं ने इस ग्राम सभा में दस्तक दिया.
    मुद्दा था, आज़ादी के 70 वर्षों के बाद भी नौरंगा ग्राम सभा का विकास क्यों नहीं? नौरंगा ग्राम सभा आज भी अपनी मूलभूत सुविधाओं से दूर क्यों है?
    क्या ये गांव किसी सुविधा के लायक नहीं हैं या फिर इन गांव के लोगों को किसी सुविधा की ज़रूरत नहीं है? या फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि हर पार्टी के नेता इन पिछड़े हुए गांवो को सिर्फ वोट बैंक समझते हैं? चुनाव आते ही कई वादे किए जाते हैं और फिर भुला दिए जाते हैं ये गांव ? सवाल हज़ारों हैं, लेकिन ज़वाब एक भी नहीं.
    इस बार भी 18 अप्रैल की सभा में आये हुए अपने दिग्गज नेताओं से मिलने और बात करने के लिए लोग पहुंचे थे श्री फेकू बाबा के स्थल पर. हुज़ूम उमड़ पड़ा था लोगों का. क्योंकि लोगों को उस दिन की तोहफे मिलने वाले थे. हालांकि कुछ तोहफे मिले भी. कई  नेताओं ने इन गांवों के विकास के लिए दिल खोलकर कई सौगात अर्पण किये. कई नेताओं ने इन गांवों के विकास के लिए बड़ी राशि देने की भी घोषणा की. लेकिन लोग जो घोषणा सुनने के लिए बेकरार था, वो सुनने को नहीं मिली. और वो घोषणा थी, गंगा नदी पर पूल का बनना. शायद तालियों की गड़गड़ाहट और दूर तलक भी सुनाई पड़ जाती जब गंगा नदी पर कच्चे पूल का तोहफ़ा उन्हें मिलता. क्योंकि लोगों को बखूबी यह बात पता है- "जब तक दीवार बनकर खड़ी है गंगा, तब तक कैसे विकास करेगा नौरंगा?"
    लेकिन फिर भी इन गांवों के लोगों को एक उम्मीद ज़रूर है, किसी ना किसी दिन पूल ज़रूर बनेगा गंगा नदी पर और इन गांवों की तक़दीर एक दिन ज़रूर बदलेगी.
    लेकिन देखना है कब तक यह सपना हक़ीक़त में बदलता है.

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