इस शहर की दीवानगी की बात ही कुछ और है - Silsila Zindagi Ka
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    इस शहर की दीवानगी की बात ही कुछ और है

    आप किसी भी शहर चले जाइये। अन्य किसी भी जगह चले जाइये, लेकिन इस शहर में आप भूल कर भी मत आईयेगा। चौकिये मत....!! मैं बता रहा हूँ क्यों....? क्योंकि आप इस शहर में एक बार भी ग़लती से चले आये तो आपको इस तरह अपनी माया जाल में फँसायेगा कि आप इसके दीवाने हो जाएंगे और यहाँ से जाने का सोचेंगे भी नहीं। अब तो आप समझ गए होंगे कि मैं किस शहर की बात कर रहा हूँ..? जी हाँ मायानगरी यानि मुम्बई की। 

    इस शहर में कुछ भी नहीं है, लेकिन यकीन कीजिये...इसी शहर में सब कुछ। फैशन का जलवा है, हुस्न का हलवा है। चमकती रात है, दिन की क्या बात है। रौनके-सुबह, शामे- महफ़िल, रंगीन रातें। सब कुछ इसी शहर में है। आर्थिक राजधानी, फिल्मों का जंक्शन और बड़े-बड़े सितारे सब इसी शहर की तो देन हैं। जिसको चाहा, मुम्बई शहर ने वो दे दिया जिसको उसकी उम्मीद भी नहीं होती है....और जिसको चाहा उससे उसका छीन लिया। 

    हाँ, एक बात जरूर है यहाँ सच्ची मेहनत करने वालों को मुंबई हमेशा देती ही देती है। अगर इस शहर की ख़ूबसूरती आपको देखनी है तो आप यहाँ रात में चले आईये। जब सभी सो जाते हैं, तब भी यह शहर जगता रहता है। भागता रहता है और भगाता भी है। रात में किसी अंधेरे कोने में खड़ा हो कर सुबह तक तक कॉफी बेचने वालों के लिए भी यह शहर वरदान साबित होता है। समंदर किनारे बैठे और एक-दुसरे की बांहों में बांह डालकर प्यार करते जोड़ों को देखकर आप थोड़ा चौक जाएंगे। लेकिन सच तो ये कि इस शहर की यह भी खूबसूरती है, जिसे आप मिस कर दिए तो समझिए आपने सब कुछ देखकर भी कुछ नहीं देखा। आसमान छुपी यहाँ की इमारतें, महज़ इमारतें ही नहीं हैं....बल्कि इनमें कई सपनों और ख़्वाहिशों का ज़िन्दगी बसर हो रहा है। अभी भी कई कहानी है मुम्बई की जो अपने अगले लेख में बताऊँगा।

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