क्या आप भी हो रहे हैं बार-बार असफ़ल? आख़िर क्यों? - Silsila Zindagi Ka
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    क्या आप भी हो रहे हैं बार-बार असफ़ल? आख़िर क्यों?




    दोस्तों!  क्या आपको पता है कि हम जो सोचते हैं या जिसकी कल्पना करते हैं उसका रिजल्ट कभी तुरंत हमारे सामने आ जाता है या फिर बाद में और जब ऐसा होता है तो हम आश्चर्य में पड़ जाते हैं कि "अरे मैं तो कल ही या कुछ दिन पहले ही ऐसा सोच रहा था, ये कैसे हो गया...? क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है....? क्योंकि UNIVERSE हर अंतराल के बाद  हमारे आस-पास से गुज़रता रहता है और वो हर बार हमारी सोच या बातों को कैच करता है...और जिस समय वो हमारे पास से गुज़र रहा होता है और हम उस समय  जो भी सोच या बोल रहे होते हैं, उसे कैच करता है और हमें रिटर्न करता है. उस समय हम यदि नकारात्मक सोच रहे होते हैं, तो वो हमें वही लौटाता है और सकारात्मक सोच रहे होते हैं तो सकारात्मक ही लौटाता है और यह सत्य है. मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ है और शायद आपके साथ भी हुआ होगा. मैं  एक घटना बताना चाहूंगा जो मेरे साथ घटी थी. 

    मेरा एक दोस्त जो  मुम्बई में कुछ साल पहले मेरे साथ रहता था. बहुत अच्छी दोस्ती थी हमारी. मैं कुछ दिनों के लिए घर चला गया और जब मैं वापिस आया और उसका नं. try किया तो उसका नं. ऑफ आ रहा था. मैं उसके फ्लैट पर गया तो पता चला कि वो एक महीना पहले ही यहाँ से चला गया. वक़्त गुज़रा, 3 महीने बीत गए...पर ना तो उसका नं. लगा और ना ही उसका कोई अता-पता. मैं अपने काम में बिजी हो गया और सोचा याद करने से क्या फायदा, जब उसको मेरी याद ही नहीं आती. 
    एक दिन मैं उस एरिया में पहुँचा था जहां मैं और मेरा दोस्त बराबर आया-जाया करते थे और एक चाय की दुकान पर चाय पीया करते थे. उस एरिया से गुज़रते ही उसकी याद आ गई और मैं वहाँ चाय पीने चला गया. चाय पीते वक़्त उसके साथ बीताया हुआ यहाँ का समय याद आ रहा था. मैं उदास हो गया और ऑटो पकड कर अपने घर की तरफ निकला. ऑटो में बैठकर मैं यही सोच रहा था कि वो आयेगा ज़रूर. नं. नहीं लग रहा है तो क्या...? वो मुझे ढूंढते-ढूंढते किसी दिन मेरे फ्लैट पर पहुँच जाएगा. ऑटो मेरे घर के नीचे रुका, मैंने ऑटो वाले को पैसे दिया. तभी मेरा रूम पार्टनर आता हुआ दिखा. मैंने पूछा कहाँ जा रहे हैं....? वो बोला- दूध लेने....आपका दोस्त आया है. जैसे ही मैंने अपने दोस्त का नाम सुना...मेरे मुंह से आश्चर्य में निकला...क्या...? और मैं चकित रह गया कि मैं कुछ देर पहले तो यही सोच रहा था. वाक़ई उस घटना ने मुझे चौका दिया था और मुझे यकीन हो गया उस दिन कि हम जो सोचते हैं, कभी-कभी वो ही होता है. इसलिए हमेशा हमें सकारत्मक और अच्छी बात ही सोचनी या बोलनी चाहिए. 
    आपको पता है कि अपनी ज़िन्दगी में अधिकाँश लोग अपनी नकारत्मक सोच की वज़ह से बार-बार असफल हो जाते हैं. उनके पास सब कुछ रहता है. प्रतिभा, जूनून...सब कुछ. लेकिन इन सा के रहते हुए भी नकारात्मका उनको डुबो देती है. इसलिए अगर आपको सफल होना है तो अपने आपको ख़ुद को बदलना होगा और वो बदलाव इस तरह आयेगा.



    2. हमेशा सकारात्मक ही सोचें-:

    दोस्तों! एक सत्य बात- अगर हम नकारात्मक सोच सकते हैं तो हम सकारात्मक भी सोच सकते हैं. हमारे अन्दर अगर नकारात्मकता हो सकती है तो सकारात्मकता भी हो सकती है. बस उसे ढूंढना पड़ेगा. क्योंकि अच्छी चीज़ें इंसान के पास ज़ल्दी चल कर नहीं आती.इसलिए उसे लाना पड़ेगा. उसको खोजना पड़ेगा. और जिस दिन नकारात्मकता की जगह सकारात्मकता ने ले लियी, यकीन मानिए...उस दिन से आपका जीवन बदलवा की ओर अग्रसर हो जाएगा.

    2. हमेशा सोचें कि मेरे साथ अच्छा हो रहा है-:

    आपको सफल होने से, आपके सपने पूरे करने से, आपको बड़ा करने से और आपको महान बनने से कोई नहीं रोक सकता...जब आप सोचना शुरू कर देंगे कि "मेरे साथ अच्छा हो रहा है". "मैं यह काम अच्छे से कर रहा हूँ". "मैं इतने पैसे कमा रहा हूँ"."मुझे जो बनना है बन चुका हूँ". "मैं वो सब कुछ हासिल कर रहा हूँ, जो मेरी तमन्ना है". और बाकी जो आप सोच सकते हैं. TRUST ME...अगर आपने ऐसा कर लिया  तो देखना आपके साथ चमत्कार होना शुरू हो जाएगा. सब कुछ आपको मिलता जाएगा और आप चकुते हुए कहोगे कि "मुझे तो वो हर चीज़ मिल रही है, जिसका मैंने कल्पना किया था...!!" BUT THIS IS NOT A MIRACLE, THIS IS THE POWER OF IMAGINE AND YOU DID THIS AND THIS IS THE RESULT OF YOUR THINKING. इसलिए आप भी सोचें कि आपके साथ सब कुछ अच्छा हो रहा है. 


    3. समय का सदुपयोग करें-:

    दोस्तों! "कहते हैं  न कि जो समय की क़द्र नहीं करता, समय  भी उसका क़द्र नहीं करता". इसलिए समय की क़द्र करना आज से ही शुरू कर दीजिये. अपने जीवन का एक पल भी व्यर्थ मत गंवाईये, क्योंकि जो पल आपकी ज़िन्दगी से चला जाएगा...फिर दोबारा लौट कर नहीं आएगा. कोई भी महान व्यक्ति का उदाहरण ले लीजिये उसने मेहनत के साथ-साथ अपने समय का भी सदुपयोग बड़ा सोच-समझ कर किया है तभी वो महान बना है. इसलिए अपनी दिनचर्या पर ध्यान दीजिये और ख़ुद से हिसाब लीजिये इसका कि आपने अपना आज का समय कहाँ सदुपयोग किया और कहाँ दुरूपयोग. 


    तो दोस्तों! आशा करता हूँ कि आपको मेरा यह लेख अच्छा लगा होगा. आप अपना भी विचार ज़रूर व्यक्त कीजिये.















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