• Welcome To My Blog

    जलते दीये को न बुझाओ

    जलते   दीये  को  न  बुझाओ,   जलने   दो
    ज़िन्दगी  का   नाम  है   चलना,  चलने   दो

    सुबह, शाम  और  रात  होती  है  और होगी
    सूरज को इसी तरह ढ़लने और निकलने दो

    तुम्हारे  वज़ूद  की  कहानी  है सबसे अलग
    तुम ना बदलना  इस ज़माने  को बदलने दो

    ये  दिल कब  कहाँ  एक  राह पर चलता है
    अगर  बेचैन  होता  है तो  इसे  मचलने  दो

    ये ज़िन्दगी ख़्वाब के बिना अधूरी ही तो   है
    अगर आँखों में ख़्वाब आते हैं  तो पलने  दो

    अब मंज़िल क़रीब है बस पहुँच जाओगे अब
    चलते-चलते अब मत कह देना सम्भलने  दो

    No comments:

    Post a Comment

    Featured Post

    TV Show: बिग गंगा और Zee5 पर देखिये मेरा नया कार्यक्रम "मस्त मलंग भोले बाबा के बम"

    TV Show: बिग गंगा और Zee5 पर देखिये मेरा नया कार्यक्रम "मस्त मलंग भोले बाबा के बम" प्रोग्राम- मस्त मलंग भोले बाबा के बम चैन...