मेरे गाँव की सुबह।।A MORNING OF MY VILLAGE।। - Silsila Zindagi Ka
  • Welcome To My Blog

    मेरे गाँव की सुबह।।A MORNING OF MY VILLAGE।।

    A MORNING OF MY VILLAGE






    ये भी पढ़ें: मेरा गाँव

    कहते हैं कि भारत गांवों का देश है और भारत देश के विकास की कहानी का अंदाज़ा लगाना हो तो गांव का परिस्थिति को देख कर इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

    ये भी पढ़ें:  आसान नहीं है धोनी बनना

    आज सुबह बहुत दिनों बाद मैं अपने गांव की सड़क पर खड़ा था। दोनों तरफ जुताई किये हुए खेतों के बीच से गुज़रती हुई एक सुंदर सी सड़क और उस सड़क से ऊपर निकलते हुए सूरज को देख कर तो ऐसा लग रहा था कि यह एक नए युग का नया गाँव है, जहाँ सूरज की किरणें गर्व महसूस करते हुए अपनी रोशनी फैला रही हैं।


    निश्चित तौर पर, यह एक नए युग का नया सूरज था जो पुराने गांव को नया बनाने की कोशिश कर रहा था। बदलते गाँवों की स्थिति को देख कर मैं खुश हूँ। मैं ही क्यों? यहाँ के सभी लोग खुश हैं। 
    और हो भी क्यों नहीं? इस रास्ते से ना सिर्फ सफ़र का सड़क आसान हुआ है, बल्कि ज़िन्दगी का सफ़र भी बेहद आसान हो चुका है। यहाँ के लोगों के सपनों में जैसे पंख लग गए हैं।


    निश्चित, तौर पे दूर तक जाती यब सुंदर सड़क कई कहानियां कहती हैं, जिस पर हमें नाज़ होता है। 
    हमारी सोच बदल रही है, हम बदल रहे हैं और हमारे गांव के हालात बदल रहे हैं।

    2 comments: