क्या आप भी नकारात्मक सोचते हैं? - Silsila Zindagi Ka
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    क्या आप भी नकारात्मक सोचते हैं?


    A Story For You

    एक छोटी सी कहानी है। ज़रूर पढ़ियेगा। दो दोस्त थे। एक बहुत ही तेज़ तर्रार था और एक थोड़ा कम। दोनों अपने जीवन में कुछ बड़ा करने चाहते थे। लेकिन जो तेज़ तर्रार दोस्त था, हमेशा नकारात्मक बातें करता था। सकारात्मक बात को भी नकारात्मक बनाकर बोलता था। और जो दूसरा था वो कभी नकारात्मकता अपने मन में नहीं लाता था। हमेशा मुस्कुराता रहता था।
    जो तेज़ तर्रार दोस्त था वो अपने दुसरे दोस्त को हमेशा चिढ़ाता था, तू कुछ नहीं कर पायेगा। और वो मुस्कुरा देता था। 
    दोनों ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और अलग-अलग शहर में चले गए। कुछ सालों बाद जो तेज़ तर्रार लड़का था वो जॉब के Interview के सिलसिले में किसी दूसरे शहर पहुँचा। ऑफिस में गया। वहाँ उसे बताया गया कि आपका Interview इस केबिन में है। वो लड़का उस केबिन में गया। और जब वहाँ गया तो उसके होश उड़ गए। क्योंकि Interview जो लेने वाला था, उसका वही दोस्त वहाँ बैठा था, जिसे वो बार-बार चिढ़ाता था तू कुछ नहीं कर सकता।
    दोस्तों! इस कहानी बताने का यही मक़सद था कि इंसान की सोच ही उसे बड़ा या छोटा बनाती है। आप जैसा सोचेंगे, वैसा ही बनेंगे।
    यह सच है कि सकारात्मक सोच ही इंसान को दूर तक ले जाती है। इसके बिना आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। कहते हैं कि सोच ही किसी व्यक्ति के जीवन को बिगाड़ती है और बनाती है। जैसा आप सोचेंगे वैसा आपको परिणाम मिलेगा।
    दुनिया में जो भी आज ऊँचाई तक पहुँचा है, यूं ही नहीं पहुंचा। बल्कि, पहले उसने उस बारे में सोचा है, जो वो करना चाहता है और जहाँ वो जाना चाहता है। और आज सोच आती कहाँ से है? तो इसका ज़वाब है इंसान के दिलोदिमाग से।

    क्या आपको पता है कि हम जो सोचते हैं या जिसकी कल्पना करते हैं उसका रिजल्ट कभी तुरंत हमारे सामने आ जाता है या फिर बाद में और जब ऐसा होता है तो हम आश्चर्य में पड़ जाते हैं कि "अरे मैं तो कल ही या कुछ दिन पहले ही ऐसा सोच रहा था, ये कैसे हो गया...? क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है....? क्योंकि UNIVERSE हर अंतराल के बाद  हमारे आस-पास से गुज़रता रहता है और वो हर बार हमारी सोच या बातों को कैच करता है...और जिस समय वो हमारे पास से गुज़र रहा होता है और हम उस समय  जो भी सोच या बोल रहे होते हैं, उसे कैच करता है और हमें रिटर्न करता है. उस समय हम यदि नकारात्मक सोच रहे होते हैं, तो वो हमें वही लौटाता है और सकारात्मक सोच रहे होते हैं तो सकारात्मक ही लौटाता है और यह सत्य है. मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ है और शायद आपके साथ भी हुआ होगा. मैं  एक घटना बताना चाहूंगा जो मेरे साथ घटी थी. 
    मेरा एक दोस्त जो  मुम्बई में कुछ साल पहले मेरे साथ रहता था. बहुत अच्छी दोस्ती थी हमारी. मैं कुछ दिनों के लिए घर चला गया और जब मैं वापिस आया और उसका नं. try किया तो उसका नं. ऑफ आ रहा था. मैं उसके फ्लैट पर गया तो पता चला कि वो एक महीना पहले ही यहाँ से चला गया. वक़्त गुज़रा, 3 महीने बीत गए...पर ना तो उसका नं. लगा और ना ही उसका कोई अता-पता. मैं अपने काम में बिजी हो गया और सोचा याद करने से क्या फायदा, जब उसको मेरी याद ही नहीं आती. 
    एक दिन मैं उस एरिया में पहुँचा था जहां मैं और मेरा दोस्त बराबर आया-जाया करते थे और एक चाय की दुकान पर चाय पीया करते थे. उस एरिया से गुज़रते ही उसकी याद आ गई और मैं वहाँ चाय पीने चला गया. चाय पीते वक़्त उसके साथ बीताया हुआ यहाँ का समय याद आ रहा था. मैं उदास हो गया और ऑटो पकड कर अपने घर की तरफ निकला. ऑटो में बैठकर मैं यही सोच रहा था कि वो आयेगा ज़रूर. नं. नहीं लग रहा है तो क्या...? वो मुझे ढूंढते-ढूंढते किसी दिन मेरे फ्लैट पर पहुँच जाएगा. ऑटो मेरे घर के नीचे रुका, मैंने ऑटो वाले को पैसे दिया. तभी मेरा रूम पार्टनर आता हुआ दिखा. मैंने पूछा कहाँ जा रहे हैं....? वो बोला- दूध लेने....आपका दोस्त आया है. जैसे ही मैंने अपने दोस्त का नाम सुना...मेरे मुंह से आश्चर्य में निकला...क्या...? और मैं चकित रह गया कि मैं कुछ देर पहले तो यही सोच रहा था. वाक़ई उस घटना ने मुझे चौका दिया था और मुझे यकीन हो गया उस दिन कि हम जो सोचते हैं, कभी-कभी वो ही होता है. इसलिए हमेशा हमें सकारत्मक और अच्छी बात ही सोचनी या बोलनी चाहिए. 
    आपको पता है कि अपनी ज़िन्दगी में अधिकाँश लोग अपनी नकारत्मक सोच की वज़ह से बार-बार असफल हो जाते हैं. उनके पास सब कुछ रहता है. प्रतिभा, जूनून...सब कुछ. लेकिन इन सब के रहते हुए भी नकारात्मका उनको डुबो देती है. इसलिए अगर आपको सफल होना है तो अपने आपको ख़ुद को बदलना होगा और वो बदलाव इस तरह आयेगा.



    2. Think Always Positive
    दोस्तों! एक सत्य बात- अगर हम नकारात्मक सोच सकते हैं तो हम सकारात्मक भी सोच सकते हैं. हमारे अन्दर अगर नकारात्मकता हो सकती है तो सकारात्मकता भी हो सकती है. बस उसे ढूंढना पड़ेगा. क्योंकि अच्छी चीज़ें इंसान के पास ज़ल्दी चल कर नहीं आती.इसलिए उसे लाना पड़ेगा. उसको खोजना पड़ेगा. और जिस दिन नकारात्मकता की जगह सकारात्मकता ने ले लियी, यकीन मानिए...उस दिन से आपका जीवन बदलवा की ओर अग्रसर हो जाएगा.
    2. Think Always that i am doing Good
    आपको सफल होने से, आपके सपने पूरे करने से, आपको बड़ा करने से और आपको महान बनने से कोई नहीं रोक सकता...जब आप सोचना शुरू कर देंगे कि "मेरे साथ अच्छा हो रहा है". "मैं यह काम अच्छे से कर रहा हूँ". "मैं इतने पैसे कमा रहा हूँ"."मुझे जो बनना है बन चुका हूँ". "मैं वो सब कुछ हासिल कर रहा हूँ, जो मेरी तमन्ना है". और बाकी जो आप सोच सकते हैं. TRUST ME...अगर आपने ऐसा कर लिया  तो देखना आपके साथ चमत्कार होना शुरू हो जाएगा. सब कुछ आपको मिलता जाएगा और आप चकुते हुए कहोगे कि "मुझे तो वो हर चीज़ मिल रही है, जिसका मैंने कल्पना किया था...!! इसलिए आप भी सोचें कि आपके साथ सब कुछ अच्छा हो रहा है. 


    3. Make Good Use Of your Time
    दोस्तों! "कहते हैं  न कि जो समय की क़द्र नहीं करता, समय  भी उसका क़द्र नहीं करता". इसलिए समय की क़द्र करना आज से ही शुरू कर दीजिये. अपने जीवन का एक पल भी व्यर्थ मत गंवाईये, क्योंकि जो पल आपकी ज़िन्दगी से चला जाएगा...फिर दोबारा लौट कर नहीं आएगा. कोई भी महान व्यक्ति का उदाहरण ले लीजिये उसने मेहनत के साथ-साथ अपने समय का भी सदुपयोग बड़ा सोच-समझ कर किया है तभी वो महान बना है. इसलिए अपनी दिनचर्या पर ध्यान दीजिये और ख़ुद से हिसाब लीजिये इसका कि आपने अपना आज का समय कहाँ सदुपयोग किया और कहाँ दुरूपयोग. 
    तो दोस्तों! आशा करता हूँ कि आपको मेरा यह लेख अच्छा लगा होगा. आप अपना भी विचार ज़रूर व्यक्त कीजिये.

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