चलते-चलते हाल-ए-दिल तो बता दो - Silsila Zindagi Ka
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    चलते-चलते हाल-ए-दिल तो बता दो

    Hi Friends!! कुछ पंक्तियाँ मैंने लिखी हैज़ जो मेरे दिल के काफ़ी करीब है। शायद आपलोगों को भी अच्छा लगेगा, मुझे उम्मीद है।।
    Chalte-Chalte Haal-E-Dil to Bata do
    Image Source PhotoCase

    चलते -चलते हाल-ए-दिल  तो  बता  दो
    कुछ गिले-शिकवे हो तो वो भी जता दो।
    (Chalte-Chalte Haal-E-Dil to bata do
    Kuchh Gile-Shiqve Ho to wo bhi jata do)

    कुछ अनकहे  किस्से  अब भी तो  होंगे
    बिखरे हुए अल्फ़ाज़ों में ही उन्हें सुना दो।
    (Kuchh Ankahe Kisse ab bhi to Honge
    Bikhre huye Alfazo me hi unhe suna do)

    आज भी इस दिल पे तुम्हारा ही नाम है
    तुम यूँ न बेरुख़ी से मेरा नाम बेवफ़ा दो।
    (Aaj bhi iss dil pe tumhara hi naam hai
    Tum yun Na Berukhi se mera naam bewafa do)

    बेचैन है ये दर्द-ए-दिल, कहाँ जाए अब
    राहत  मिले  इसे  ऐसी  कोई  दवा  दो।
    (Bechain hai Ye Dard-E-Dil, Kahan jaaye Ab
    Rahat Miley isse aisi koi dawa do)

    यूँ आपके चेहरे पर उदासी ठीक नहीं है
    झूठा  ही   सही, एक  बार  मुस्कुरा  दो।
    (Yun aapke chehre par udaasi thik nahi hai
    Jhutha Hi sahi, ek baar muskura do)
    एक  एहसान कर  दो मुझ पर  जाते-जाते
    ज़िन्दगी ना सही मौत का कोई रास्ता दो।
    (Ek Ehsan kar do mujh par jaate-jaate
    Zinadagi naa sahi Maut ka koi rasta do)

    चलते-चलते  हाल-ए-दिल  तो  बता  दो
    कुछ गिले-शिकवे हो तो वो भी जता दो।
    (Chalte-Chalte Haal-E-Dil to bata do
    Kuchh Gile-Shiqve Ho to wo bhi jata do)

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