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    31 December: आपसे कुछ कहना है

    31 December
    आज 31 December है। यानि 2018 का आख़िरी दिन। 2018 अब हमारी ज़िंदगी से विदा हो रहा है। हमेशा-हमेशा के लिए। फिर से लौट कर नहीं आएगा यह साल। बस दिमाग के मानसपटल पर तैरती रहेंगीं इसकी यादों। इसकी मिठास आपको गुदगुदाएगी और इसकी तीखापन आपको थोड़ा उदास कर जाएगी। पर दोनों ज़रूरी है। तभी तो यादों का सिलसिला बना रहेगा।
    जाते बरस के साथ, आज 31 December को मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूँ। अगर मेरे अल्फ़ाज़ों से या मेरी वज़ह से आपके दिल को कभी ज़रा भी ठेस पहुंची हो तो माफ़ कर देना यारों! 
    अगर आपसे कोई वादा कर के मैं निभा नहीं पाया तो बस इतना समझ लेना कि मेरी कोई मज़बूरी होगी। मैं कोशिश करूंगा कि आने वाले साल में मैं हर वादा पूरा करूँ। 
    अगर आप मेरी ज़िन्दगी में आये हैं तो कोई वज़ह होगी। मैं अपने आपको भाग्यशाली समझता हूँ कि आपने मेरे साथ इतना वक़्त बिताया और मैं उम्मीद करता हूँ कि हम आगे भी साथ निभाते रहेंगे।
    अगर आप मेरी ज़िन्दगी से चले गए हैं, किसी वज़ह से तो मैं दुखी हूँ, पर आपको रोक नहीं सकता था। हाँ, मैं इतना ज़रूर कहूंगा कि आप बहुत अच्छे इंसान थे। आप जहाँ भी रहिये हंसते और गुनगुनाते रहिये।
    अगर आपको मुझ से कुछ कहना है तो आज दिल खोल कर बोलिये। इसलिए नहीं कि आज 31 December है। बल्कि आज गिले शिक़वे भुलाने का दिन है। आज एक-दूसरे को गले लगाने का दिन है। अगर गले नहीं मिल सकते तो हाथ ही मिला लीजिए ज़नाब! क्योंकि ज़िन्दगी दोबारा थोड़े ही मिलने वाली है।

    31 December को वादा
    आज यानि साल का आखिरी दिन, 31 December को मैं वादा करता हूँ कि 2018 में मैंने जो भी गलतियां की हैं, उसे सुधारने की कोशिश करूंगा। अगर आप में से किसी को भी मेरी वज़ह से दुख पहुंचा है तो मैं यह फिर नहीं दोहराऊंगा। अब हर किसी के चेहरे पर ख़ुशी लाना ही मेरा मक़सद होगा।
    मैं हर किसी की मदद करूँगा। जैसे पहले से ही करता आ रहा हूँ। उसे बरकरार रखूँगा। 
    CONCLUSION
    दोस्तों! चलते-चलते एक बात और! ज़िन्दगी में कभी उदास और निराश ना होना। अपने आप से वादा कर लो। हर काम इतनी शिद्दत से करो कि आपकी ज़िंदगी भी आप पर नाज़ करे। 
    इस ज़िंदादिली से जीयो कि दुनिया आपके कदमों के निशाँ पर चले और गर्व करे।
    अपने काम के जुनून में इतना नशा भरो कि दुनिया का हर नशा छोटा पड़ जाए।
    जलो, मगर दीपक की तरह। हर किसी के साथ चलो। जीयो तो ना सिर्फ अपने लिए, बल्कि सबके लिये। फिर देखना आपका "Silsila Zindagi Ka" कितना तेज़ चलता है। मिलते हैं नए साल में नए जुनून के साथ एक नए विषय लिए। 2018 की यादों के साथ आपको यहीं छोड़े जाता हूं।
    31 December Goodbye! 2018 Goodbye!

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