दिल - Silsila Zindagi Ka
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    दिल

    Ma Ka Dil

    दिल तो जहाँ में बहुत देखा मैंने
    लेकिन माँ से बड़ा दिल


    किसी का नहीं देखा आज तक।
    ये वो दिल है जिसमें 
    पल रहा है सच्चा प्यार।
    ये वो दिल है जिसमें
    बसी है माँ की ममता।
    जो ना कभी कम होती है
    ना कभी कम होगी।

    ये माँ का दिल है
    जिससे हमेशा दुयाएँ ही निकलती हैं। 
    और जिसके दिल से निकली दुआ
    कभी खाली नहीं जाती।
    मैं हमेशा सोचता हूँ 
    माँ के दिल पर कुछ लिखूं।
    लेकिन हर बार , हर शब्द 
    माँ के दिल के सामने छोटा पड़ जाता है

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