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    Facebook

    Facebook

    मुझे याद है, तब Orkut बहुत ज़ोर-शोर  से चल रहा था। अपना सुंदर सा प्रोफ़ाइल बनाना, अपनी बेहतरीन तस्वीरें लगाना, एक-दूसरे से चैट करना। सब ज़ारी था।


     हालांकि मैंने भी Orkut join किया था लेकिन 2008 में। उस समय भी Orkut का खूब प्रचलन था। लेकिन, तब तक Facebook ज़ोर पकड़ने लगा था।लोग Orkut से Facebook की तरफ़ रुख करने लगे थे। नया प्लेटफॉर्म, नए-नए फीचर। सब कुछ नया-नया। 
    लोगों को अब धीरे-धीरे Facebook की लत लगने लगी थी। जो Orkut वाले थे वो तो Facebook की तरफ भाग ही रहे थे, जो नए-नए सोशल मीडिया से जुड़ रहे थे, वो डायरेक्ट Facebook से जुड़ना शुरू कर दिए और देखते-देखते Facebook लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया और सोशल मीडिया के प्रति लोगों का नज़रिया भी बदलने लगा।
    अब वो दौर भी आ गया था जब चारों तरफ Facebook की ही चर्चा हो रही थी। अपनों से चैट, किसी बेगाने से दोस्ती और अनदेखा प्यार...सब कुछ हो रहा था Facebook पर और आज भी होता है।
    लड़कियों के नाम से लड़कों का अकॉउंट बनाना। वीडियो शेयर करना। कितना कुछ होता है Facebook पर।

    मैं आपको बताऊँ, मेरा भी पहला प्यार Facebook से ही हुआ था। पटना में पढ़ाई करता था तब। मोनिका नाम था उसका। Hi से शुरू हुई बातचीत दोस्ती में बदल गई और फिर यही दोस्ती प्यार में। वो प्यार मेरा दो सालों तक चला था। लेकिन सच्चा प्यार था, जिसे Facebook ने मुझे दिया था। 

    आज Facebook का बाज़ार और भी बड़ा हो चुका है। लाखों-करोड़ों की संख्या में लोग इस सोशल मीडिया पर Active हैं। निश्चित तौर पर हम शुक्र गुज़ार हैं Facebook का जिसने दिल से दिल के तार को जोड़ने का बहाना दिया है और आज भी दे रहा है।
    लोग बदल रहे हैं। लोगों की सोच बदल रही हैं और निश्चित तौर पर Facebook भी नए-नए फीचर्स के साथ, नए रूप में सबके सामने आ रहा है। 
    इतना ही नहीं Facebook हमारी यादों के सिलसिला को समेट कर रखता है और उसे डायरी के रूप में  जब हमारे सामने पेश करता है तो हम खुशी से उछल पड़ते हैं और दिल से कहते हैं Thank You Facebook.
    क्योंकि ये वो ही Facebook है, जो लोगों को बताता है कि आज आपका जन्म दिन है और लोग आपके जन्मदिन को दुआओं से भर देते हैं और निश्चित तौर पर इसका श्रेय Facebook का जाता है। 

    कुछ वर्षों पहले मैं अपने गाँव के दोस्तों से तभी मिल पाता था जब मैं गाँव जाता था। लेकिन अब तो मेरे गाँव के अधिकांश दोस्त इस सोशल मीडिया से जुड़ चुके हैं। Thank you Facebook: रिश्तों को नया नज़रिया देने के लिए।

    CONCLUSION
    दोस्तों!! आपको कैसा लगता है Facebook और क्या आपको भी Facebook पर कभी किसी से प्यार हुआ है? मुझे ज़रूर बताइये।
    मैं यही चाहूंगा कि Facebook इसी तरह आगे बढ़ता रहा और साथ-साथ इससे जुड़े लोगों का भी "सिलसिला ज़िन्दगी का" आगे बढ़ता रहे।
    मिलते हैं जल्दी ही एक नए पोस्ट के साथ। Bye-Bye.

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