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    New Year- इस बार New Year इस तरह Celebrate करेंगे

    दोस्तों! "Silsila Zindagi Ka" आपका स्वागत करता है। आज शुरुवात करने से पहले आप सभी के लिए कुछ पंक्तियां- 
    कुछ वादे थे जो टूट गए
    कुछ अपने थे जो रुठ गए
    कुछ मिले कहीं किसी मोड़ पर
    कुछ बीच सफ़र में छूट गए
    ये जो यादों का है कारवां
    ये कहाँ ठहरने वाला है।
    आ भूला दें सारे गिले शिक़वे
    ये साल गुज़रने वाला है।।
    New Year की तैयारी पूरी दुनिया मे अभी से शुरू हो चुकी है। हर कोई अपनी अपनी प्लानिंग करने में लगा हुआ है। जिसको देखो वो New Year की ही बात कर रहा है। ये सिर्फ एक दिन की बात नहीं है। यह लगभग हर साल की बात है। New Year आता है। दिन पर दिन बीतते जाते हैं। कई महीने बीतते हैं और देखते- देखते फिर से दिसम्बर आ जाता है और हम फिर से New Year की प्लानिंग शुरू कर देते हैं। 

    दोस्तों! बहुत जश्न मनाते हैं न हम? हमारे दिल में अपार खुशियाँ होती हैं। हम बांह फैलाये स्वागत करने के लिए New Year का इंतज़ार करते हैं। बहुत अच्छा लगता है न! एक नया साल शुरू होगा। एक नई उम्मीदों के साथ। 
    लेकिन क्या हमने कभी सोचा है दोस्तों! कि इस New Year की चाह में हमारी ज़िंदगी से एक और साल गुजर जाता है। जैसे कि अभी हमारी ज़िंदगी से 2018 अलविदा होने वाला है और New Year 2019 का पदार्पण होने जा रहा है। खुश हैं न हम बहुत खुश हैं।

    लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि हमने अपनी ज़िन्दगी का एक और साल गंवा दिया। हम एक साल बड़े तो हो गये, लेकिन हमारी ज़िंदगी का एक और साल कम हो गया और हम New Year की Celebration में लग चुके हैं। 

    वैसे हम ये कभी सोचते ही नहीं हैं। क्योंकि हमें तो लगता है, ज़िन्दगी का नाम है चलना और ये चलती ही रहती है। लेकिन चलते-चलते ज़िन्दगी काफी आगे निकल जाती है

    दोस्तों! एक बात और! क्या कभी हम अपनी ज़िंदगी का लेखा-जोखा करते हैं? क्या हम कभी तन्हाई में बैठ कर यह सोचते हैं कि इस साल हमने क्या पाया और क्या खोया? क्या हम कभी यह सोचते हैं कि इस साल हमें क्या हासिल करना है और कहाँ तक जाना है? 
    शायद नहीं! क्योंकि हमारी ज़िन्दगी में इन सब बातों का कोई महत्व नहीं है। हम तो बस पुराने साल को अलविदा कहेंगे और New Year का Welcome करेंगें। 

    लेकिन दोस्तों! यह 2018 जो आपकी और मेरी ज़िन्दगी से अलविदा हो रहा है न, ज़रा बैठ कर यह ज़रूर सोचना कि इस साल हमने क्या खोया और क्या पाया? और इस बात पर भी ज़रूर विचार करना कि हम आने वाले साल में क्या-क्या हासिल कर सकते हैं?

    इस बार का New Year का Celebration हर साल से अधिक धूमधाम से होना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि ज़िन्दगी का उत्सव भी इस New Year में बेहतरीन तरीके से हो।

    इस साल नए वादों और नए इरादों के साथ ज़िन्दगी की शुरुवात करनी है। और आपके New Year का Celebration तब और भी उम्दा हो जायेगा जब आप बैठ कर यह सोचेंगे कि हमने इस साल क्या-क्या गलतियां की हैं। हमने अगर कुछ खोया है तो किन वज़हों से? हमसे कोई रूठा है तो किन कारणों से? हमसे कोई खफ़ा है तो हमारी किन आदतों से? हम जो चाहते थे, वो हासिल ना कर पाए- किन वज़हों से? 
    इस बार हम तलाश करेंगे, ख़ुद की गलतियाँ। इस बार ढूंढ़ेंगे हम ख़ुद में ख़ुद को। इस बार जायेंगे हम चाँद के पार। इस  आर हासिल करेंगे अपना मक़ाम। इस बार भरेंगें सपनों की उड़ान। इस बार सिर्फ एक दिन New Year को Celebrate नहीं करेंगे, बल्कि हर दिन Celebration करेंगें, ज़िन्दगी का। 

    दोस्तों! मैं अगर खुद के बारे में बात करूँ तो मैंने इस साल खोया ज़्यादा है, पाया बहुत कम। लेकिन अब मुझे सिर्फ पाना ही पाना है, क्योंकि अब मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है। 

    नए साल की शुरुवात मैं एक नए अंदाज़ में  करूँगा। अपनी ज़िंदगी और हौसलों की उड़ान को फ़लक तक ले कर जाऊंगा। और इस बार एक नया फ़साना लिखूंगा। 

    इन्हीं वादों के साथ मैं आप सभी से लेता हूँ इज़ाज़त। मिलते हैं एक नए विषय के साथ ज़ल्द ही। जुड़े रहिए, आप मेरे ब्लॉग "Silsila Zindagi Ka" के साथ। 

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