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    भोजपुरी गीत/का कहीं पियावा लवट के ना आईल रे

    भोजपुरी गीत/का कहीं पियावा लवट के ना आईल रे

    कुछ दिनों पहले Pulmawa Blast में हमारे देश के 40 वीर ज़वान शहीद हो गए। पूरा देश रो पड़ा। आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
    आंसूओं से सराबोर एक भोजपुरी गीत (Bhojpuri geet), जो शहीदों के घर और परिवार का यथार्थ चित्रण करता नज़र आ रहा है। जिसे लिखा है जाने-माने लेखक और गीतकार राजेश पांडेय ने।
    Bhojpuri Geet, Ka kahi Piyava laut ke naa aail re

    भोजपुरी गीत/का कहीं पियावा लवट के ना आईल रे

    वादा टूटल हर रिश्ता टूटल, हाय रे करम  के लेख।
    चिथड़ा चिथड़ा घर घर पहुँचल, देख ज़माना देख।।

    दुश्मन के बारूद होली खेल गईल माई रे,
    का कहीं पियावा लवट के ना आईल रे।
    मंगिया के लाल रंग उजड़ गईल माई रे,
    का कहीं पियावा लवट के न आईल रे।।

    कहीं सास कहीं ससुर फुट-फुट रोवेलें,
    दुआरा पर गांव परेशान।
    अईसन धमाका मुदइया कईलस,
    दिखे ना कवनो निशान।।
    कुछ ना बुझाए कि का कहीं माई रे,
    का कहीं पियावा लवट के ना आईल रे।।

    पांडेय राजेश पिया नीक नाहीं कईलs,
    नन्हका नन्हकी के साथे।
    बाप के छाया कहाँ से आई,
    अब एहनी दुनो के माथे।।
    देख ना तूर देहले वादा कईल माई रे,
    का कहीं पियावा लवट के ना आईल रे।

    दोस्तों! यह था शहीदों की याद में राजेश पांडेय द्वारा लिखा गया भोजपुरी गीत। कैसा लगा हमें ज़रूर बताइये। मिलते हैं फिर ज़ल्द ही एक नए पोस्ट के साथ। जुड़े रहिये आप 
    हमारे ब्लॉग से Silsila Zindagi Ka से।

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