लौटा दे मेरा दिल जो तेरे पास छूट गया है - Silsila Zindagi Ka
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    लौटा दे मेरा दिल जो तेरे पास छूट गया है



    साँसें  थम  सी  गयी   है, आँखें  नम  सी  गयी है
    तेरे   जाने    के    बाद  ज़िंदगी  कम सी गयी  है
    तुझसे    बिछड़कर  मेरा  नसीबा  रूठ  गया   है
    लौटा दे  मेरा  दिल  जो  तेरे  पास  छूट  गया  है

    तू  क्या  जाने  कि  अब   कैसे  जी  रहा   हूँ   मैं
    ज़हर    ज़िंदगी   का  हर    पल  पी  रहा   हूँ  मैं
    तूने   साथ छोड़ा और  जीने  का  जुनूं चला गया
    दर्द, तड़प, बेचैनी रह  गयी  और सुकूं चला गया

    तेरे जाने के बाद लगा जैसे मेरा जहां लूट गया है
    लौटा  दे  मेरा  दिल  जो  तेरे  पास  छूट  गया  है

    तेरी  यादों का कारवाँ है  और  हर पल तन्हाई है
    वक़्त  ठहर सा गया है साथ छोड़ रही परछाई है

    हर तरफ धुंआ सा है  दिखता  नहीं  कोई रास्ता
    एहसान कर मुझ पे, जीने  का  कोई  बहाना  दे
    वरना  छुट   रहा  है  खुद  से  खुद   का  वास्ता

    अब   रहूँगा तन्हा, ज़माने से भरोसा  उठ गया है
    लौटा   दे   मेरा  दिल  जो  तेरे पास  छूट गया है

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