आचार्य चाणक्य ने कहा था, बुद्धिमान व्यक्ति वही है, जो हमेशा गुप्त रखता है इन चार बातों को - Silsila Zindagi Ka
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    आचार्य चाणक्य ने कहा था, बुद्धिमान व्यक्ति वही है, जो हमेशा गुप्त रखता है इन चार बातों को





    ध्यान रहे, समाज में हंसी के पात्र बनने से आपको बचना है तो आपको अपने कुछ रहस्यों पर से कभी भी पर्दा नहीं हटाना चाहिए. क्योंकि कुछ रहस्यों पर से इंसान जैसे ही पर्दा हटाता है यानि लोगों के सामने अपनी गुप्त बात को भी उजागर करता है, तो वो सफल होकर भी असफल है. 
    अगर किसी इंसान का हर रहस्य हर किसी को पता चल जाए तो फिर उसके पास कुछ नहीं बचता है. दूसरों से लड़ने के लिए ही नहीं, खुद से भी जंग जीतने के लिए उसके पास कोई हथियार नहीं बचता है और वो हार जाता है. ठीक उसी तरह, जिस तरह कोई अपने  सारे अस्त्र-शस्त्र की व्याख्या अपने दुश्मनों के सामने कर देता है और परिणाम यह होता है कि दुश्मन सारे रहस्य जानकर बाज़ी जीत जाते हैं. 

    वैसे तो आचार्य चाणक्य ने बहुत सारी प्रेरणादायक बातें कहीं हैं, जिस राह पर चलकर इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है और विद्वान् भी बन सकता है. 
    लेकिन आचार्य चाणक्य ने महत्वपूर्ण 4 बातें कहीं हैं, जिसे हर किसी को अपनाना चाहिये. तो आईये जानते हैं, क्या हैं वो चार बातें. 

    1. व्यापार के बारे में -: आचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक बुद्धिमान व्यक्ति वही कहलाता है, जो अपने व्यापार के बारे में सभी बातें गुप्त रखता है. चाहे वो व्यपार में हुई हानि हो या लाभ. अगर ये सारी चीज़ें दूसरों को पता चल जाती हैं, तो इससे आपको ज़रूरत के समय मदद करने वाला कोई नहीं होता है और साथ ही साथ लोग इसका मज़ाक भी उड़ाते हैं. अत: चाहे व्यापार में मुनाफ़ा हो या नुकसां, इस बात को हमेशा गुप्त रखना चाहिए. 

    2. अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में -: आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत     समस्याएं, जैसे- अपने पैसों के बारे में, अपने परिवार के बारे में या अन्य कोई व्यक्तिगत चीज़ें दूसरों से बताता है तो समाज में वो हंसी का पात्र बनता है और हर कोई उस इंसान को कमज़ोर समझने लगता है. इसलिए कोशिश यही करनी चाहिए कि अपनी हर समस्या का समाधान पहले खुद ही जोर-शोर से ढूंढें.

    3. पत्नी के चरित्र के बारे में -: एक बुद्धिमान व्यक्ति को अपनी पत्नी के चरित्र के बारे में कभी भी दूसरों को नहीं बताना चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से आपके सारे गुप्त भेद खुल जाते हैं और आपके रिश्तों में भी खटास उत्पन्न होती है और दूसरों की नज़र में आप हंसी का पात्र बन जाते हैं. 

    4. अपने अपमान के बारे में  -: आचार्य चाणक्य का कहना है कि एक बुद्धिमान व्यक्ति को कभी भी अपने हुए अपमान की चर्चा हर किसी के सामने नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से समाज में उसका अपमान और भी अधिक होने लगता है. यहाँ तक कि आपको अपने अपमान के बारे में अपने घर के सदस्यों से भी चर्चा नहीं करनी चाहिए. 

    तो दोस्तों !! ये थीं चाणक्य द्वारा कहीं गईं कुछ महत्वपूर्ण बातें. आप भी इसको अपनाईये.

    और हमें बताईये कि हमारा आपको यह लेख कैसा लगा.

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