ऐ वक़्त!! तू ना होता तो क्या होता? - Silsila Zindagi Ka
  • Welcome To My Blog

    ऐ वक़्त!! तू ना होता तो क्या होता?



    ऐ वक़्त!! सोचता हूँ अक्सर
    तू नहीं होता तो क्या होता?
    सवाल उठता है मेरे मन में
    हर रोज़, हर पल, बार-बार।
    तू नहीं होता तो क्या होता?

    खुशियां ना होतीं, ग़म   ना होते
    ज़ख़्म ना होतें, मरहम   ना होते
    कारवां ना होता, तन्हाई ना होती
    मिलन ना होता, जुदाई  ना होती

    ऐ वक़्त!! सोचता हूँ अक्सर
    तू ना होता तो क्या होता?

    ख़्वाहिशें ना होतीं, सपने ना होतें
    पराये  ना  होतें, अपने  ना   होतें
    आंखों में पानी, लबों पे हंसी ना होतीं
    तू ना होता तो ये ज़िन्दगी ना होती

    ऐ वक़्त!! सोचता हूँ अक्सर
    तू ना होता तो क्या होता?

    प्यार  ना  होता, चाहत  ना   होती
    नफ़रत ना होता, इबादत ना होती
    हम ना होते, हमारा फ़साना ना होता
    गीत ना होते, लबों पे तराना ना होता

    ऐ वक़्त!! सोचता हूँ अक्सर
    तू ना होता तो क्या होता?

    इस जहां में कोई महान ना होता
    मूर्ख, ज्ञानी और कोई विद्वान न होता
    धड़कन ना होती, सांस ना होती
    कल कुछ ख़ास करने की आस ना होता

    ऐ वक़्त!! सोचता हूँ अक्सर
    तू ना होता तो क्या होता?

    मेरा जीने का कोई अंदाज़ ना होता
    मेरी ग़ज़ल में कोई अल्फ़ाज़ ना होता
    मेरी ज़िंदगी का कोई वज़ूद ना होता
    मैं, मैं हो कर भी मैं ख़ुद ना होता

    ऐ वक़्त!! सोचता हूँ अक्सर
    तू ना होता तो क्या होता?
    ***************************




    No comments:

    Post a Comment