• Welcome To My Blog

    मैं भी तेरी याद में




    मैं  भी  तेरी  याद में एक ताजमहल  बनाऊँगा।
    सारे  जहाँ  में  तेरे नाम का दिया मैं जलाऊंगा।।

    ऐ  ख़्वाब-ए-मालिका  ज़रा गौर कर के सुन ले।
    मुहब्बत  की  आग  से सारी नफ़रतें मिटाऊँगा।।

    आ   गया   जो  वक़्त  कभी   मेरे   सिकंजे  में।
    उस पर भी अपनी चाहत का रंग छोड़ जाऊँगा।।

    मत   करो    वार    वारहा   दिले    द्वार    पर।
    आख़िर  कब  तलक  मैं ये  ज़ुर्म  सह पाऊंगा।।

    समझा  था  रहनुमा  जिसे अपनी ज़िन्दगी का।
    अश्क़  उनके  जीते   जी   कैसे  मैं  बहाऊँगा।।

    है   बेताब  दिल  तो   किस   क़दर   रोक   लें।
    मुज़रिम बन कर ख़ुद का मैं कैसे  रह पाऊँगा।।

                                                - राजेश पाण्डेय

    1 comment:

    1. तेरी यादो के संगमरमर से ख्वाबो का ताजमहल बनवाऊंगा,
      उसमे अपनी एकतरफा बेपनाह मोहब्बत की कब्र खुदवाऊंगा
      तुझे बेचैन कर कर के रात दिन ,
      एक दिन मैं उस कब्र में दफन हो जाऊंगा

      ReplyDelete

    Featured Post

    TV Show- मनाइए हमारे साथ रामनवमी का महापर्व 14 अप्रैल को

    TV Show- मनाइए हमारे साथ रामनवमी का महापर्व 14 अप्रैल को TV Show: जनम लीहले राम लला Director: Dhiraj Thakur   Writer: Anil Pandey,  ...