आसमाँ को भी ज़मीं पर उतार लाओगे||Motivational Ghazal - Silsila Zindagi Ka
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    आसमाँ को भी ज़मीं पर उतार लाओगे||Motivational Ghazal

            SILSILA ZINDAGI KA

    YOU ARE THE CREATOR OF YOUR OWN DESTINY

    RECOGNIZE YOUSELF


    जिस  दिन  ख़ुद  पर यकीं हो गया तुम्हें
    फिर  जहाँ   चाहते हो वहाँ यार जाओगे
    ख़ुद को जान लोगे, मन में ठान लोगे तो
    आसमाँ  को भी ज़मीं पर उतार लाओगे

    YOU ARE THE BEST IN THIS WORLD

    तुम्हारे साथ जब  जुनून और  हौसला होगा
    हर गल्ली में तुम्हारे क़दमों का  निशां होगा
    ज़माना   तुम्हारे   नाम  का   गीत   गायेगा
    एक  दिन  तू  हार  कर  भी  जीत  जाएगा

    ख़ुद को  तैयार कर, ख़ुद  को  पहचान   कर
    पर्वत की भी  नज़रें उठें, ऐसी तू  उड़ान  भर
    कर   दे  रोशन वउसे जो अँधेरा भरा मंज़र है
    कर दे फिर से ज़िन्दा  उसे  जो ज़मीं बंज़र है

    YOU ARE THE CREATOR OF YOUR OWN DESTINY

    ख़ुद को पहचान तू ही सिकन्दर है
    हर   कला    छुपी    तेरे  अंदर  है
    हर  हालात  से टकराना सीख लो
    हर   दौर  में  मुस्कुराना  सीख लो

    YOU ARE A GREAT PERSON

    देखना उस दिन तुम चाँद के पार जाओगे
    ख़ुद  को जान लोगे, मन में ठान लोगे तो
    आसमाँ  को  भी ज़मीं पर उतार लाओगे

    जिस दिन ख़ुद पर यकीं हो गया तुम्हें
    फिर जहाँ चाहते हो वहाँ यार जाओगे

    सिलसिला ज़िन्दगी का आपका चलता रहे।
    इसके लिए ऐसी ही कुछ बेहतरीन रचनाएं आपके लिए ले कर आऊँगा।





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