MY VILLAGE - Silsila Zindagi Ka
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    MY VILLAGE

    WELCOME TO MY BLOG: SILSILA ZINDAGI KA 



    I LOVE MY VILLAGE
    मैं उस गाँव का निवासी हूँ, जिस गाँव में गंगा बहती है. मैं उस गाँव का निवासी हूँ, जहाँ के हर एक व्यक्ति अपने चेहरे पर मुस्कान लिए ज़िंदादिली का उदाहरण पेश करता है. मैं उस गाँव का निवासी हूँ जहाँ के सभी लोग हर दिन एक साथ मिल कर हर काम को अंज़ाम तक पहुंचाते हैं और मैं उस गाँव का निवासी हूँ लोग अपना वज़ूद लिए हर परिस्थिति में हमेशा अडिग खड़े रहते हैं. 
    भले ही आज मैं अपने गाँव से दूर हूँ, लेकिन गंगा के तट पर स्थित मेरा गाँव और गाँव से जुड़ी मेरी हर कहानी, जब भी याद आती है- मेरे चेहरे पर मुस्कान दौड़ जाती है. इसलिए मैं जब भी रहूँ, जहां भी रहूँ- लेकिन I LOVE MY VILLAGE. 


    ABOUT MY VILLAGE
    दूर-दूर तक फैले खेतों के बीच और गंगा के तट पर स्थित है मेरा गाँव। यहाँ के लोगों की ज़िंदगानी और इस गाँव की कहानी सबसे अलग है. पिछड़े हुए गाँवों में गिनती किये जाने वाला दियारा क्षेत्र का मेरा यह गाँव आज भी अपनी बहादुरी के किस्से को बयाँ करता है. मैं बचपन से देख रहा हूँ, अपने गाँव को और मुझे बहुत लगाव है इससे. अब जा कर थोड़ी बहुत सुविधाएं पहुँचने लगी हैं यहां। वर्ना कुछ वर्षों पहले ना तो यहां सड़क थी, ना ही बिजली और ना ही कुछ अन्य। सिर्फ था  तो यहां के लोगों में जज़्बा, हर परिस्थिति से लड़ने का. आपको बता दूँ कि हम लोगों ने भी कई मुश्किल परिस्थिति  किया है. लेकिन फिर भी, आज भी मैं अपने गाँव से बहुत ज़्यादा प्यार करता हूँ. 

    MY VILLAGE IN MY VISION 
    मेरी ज़िंदगी की हर कहानी गाँव से जुड़ी  है. बचपन से ले कर मैट्रिक की तक की पढ़ाई मेरी वही हुई है. दूर तक फैले हुए खेतों के बीच से गुज़रती हुई पगडंडियां और उन खेतों में लहलहाते हुी फ़सलें- आज भी हर दिन मेरी आँखों में तैरता है. वो शाम की महक और वो सुबह की रौनक आज भी मुझे याद है और ऐसा नज़ारा आज तक मुझे कहीं भी नज़र नहीं आया. एकता की मिसाल को बयां करता मेरा गाँव आज भी अपना अस्तित्व लिए वर्षों से अडिग खड़ा है. मोहब्बत की मिसाल लिए और लबों पे मुस्कान लिए, हर परिस्थिति का डंटकर सामना करते हुए मैंने अपने गाँव के लोगों को ही देखा है. उनसे बहुत कुछ सीखा है और ज़िंदगी का मायने भी मैंने वही से समझा. 

    YOUNGSTERS OF MY VILLAGE||मेरे गाँव  युवा
    मेरे गाँव के युवाओं का क्या कहना? बस मैं इतना कहूंगा कि "उन्हें कोई रास्ता दे, इसका इंतज़ार नहीं था, बल्कि उन्होंने अपना रास्ता ख़ुद बनाया है और उस रास्ते पर चलते हुए आज देश-विदेश में अपने गाँव और समाज का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं. 
    सोशल मीडिया पर मैं अपने गाँव के किसी भी YOUNGSTER के तरक्की की कहानी देखता और  सुनता हूँ तो मुझे बहुत गर्व होता है और सोचता हूँ कि कितने मज़बूत है हमारे गाँव के YOUNGSTERS जो बिना किसी मूल भूत सुविधा के भी आज आसमां में उड़ान भर रहे हैं.
    इतना ही नहीं मेरे गाँव का हर YOUNGSTER आज किसी भी सामाजिक में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेता है और अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है. यह देखकर मुझे ख़ुशी होती है और मैं बोल पड़ता हूँ- YOUNGSTERS OF MY VILLAGE- YOU ARE REALLY GREAT!



    MY VILLAGE IS EXAMPLE OF UNITY
    प्रसिद्ध शायर और गीतकार मुन्नवर राणा ने लिखा था- 
    तुम्हारे शहर में मय्यत को हर  कोई कंधा नहीं देता।
    पर हमारे गाँव में लोग छप्पर भी मिल कर उठाते हैं 
    ये पंक्तियाँ मेरे गाँव की और मेरे गाँव के लोगों के अंदाज़ को बयाँ करती हैं. दरअसल, कल सोशल मीडिया पर मैंने अपने गाँव के लोगों की कुछ तस्वीरें देखा. जिसमें कुछ ग्रामीण ग्राम प्रधान के साथ खड़े थे और ग्राम प्रधान ने किसी योजना को पूरा किया. 
    इस बात से ख़ुश गाँव के सभी लोगों ने एकता का परिचय देते हुए ग्राम प्रधान के इस काम की सराहना की. साथ ही साथ सभी ने एक साथ तस्वीर खिंचाई और सोशल मीडिया पर उस तस्वीर को शेयर किया गया. 
    मुझे यह देखकर गर्व हुआ. इस तस्वीर से ज़्यादा मुझे लोगों की एकता को देखकर अच्छा लगा. और मैं सोचने लगा कि ऐसे ही एकता बरकरार रही तो दिन भी दूर नहीं जब यह गाँव एक दिन श्रेष्ठ गाँवों की श्रेणी में आ जाएगा। REALLY, MY VILLAGE IS EXAMPLE OF UNITY.


    FARMERS OF MY VILLAGE 
    हमारे गांव की आज भी मुख्य  जीविका खेती है. मैं जब भी अपने गाँव के किसानों को जी-जान से मेहनत करते हुए देखता हूँ, मेरे मुंह से निकल  पड़ता है- जय जवान, जय किसान! 
    जब भी मैं शहर से गाँव जाता हूँ और खेतों में लहलहाती फसलों को देखता हूँ तो मुझे अपने गाँव के किसानों पर नाज़ होता है. उनकी मेहनत पर गर्व होता है.

    MY VILLAGE, MY PRIDE|| मेरा गाँव, मेरा गौरव
    मुझे नाज़ है ख़ुद पर कि मैं उस गाँव का निवासी हूँ, जहाँ गंगा बहती है. आज भी मैं अपने गाँव को बहुत मिस करता हूँ. वहाँ के खेत-ख़ालिहान को बहुत मिस करता हूँ. अपने गाँव के दोस्तों को बहुत मिस करता हूँ. गाँव की पगडंडियों को बहुत मिस करता हूँ.आज भले ही मैं अपने गाँव से दूर हूँ लेकिन हर रोज़ मुझे मेरा गांव याद आता है 

    हमारी पहचान गाँव से है- इसलिए MY VILLAGE, MY PRIDE. 


    CONCLUSION

    जब-जब आई  याद तुम्हारी तब-तब  मेरी आँखें नम गई हैं 

    ऐ मेरे गांव! तुझ से बिछड़ कर मेरी ज़िंदगी कम सी गयी है 

    फिर से जाऊंगा अपने गाँव में. फिर से चूमूंगा उन लहलहाती फसलों को. फिर से तिलक लगाऊंगा अपने गाँव की मिट्टी को. क्योंकि मेरा गाँव मुझे बुला रहा है.

    दोस्तों! ऐसा है मेरा गाँव और ये है मेरे गाँव की कहानी. मेरा यह पोस्ट आपको कैसा लगा... मुझे ज़रूर बताईये. 
    फिर ज़ल्द ही मिलता हूँ एक नए पोस्ट के साथ. मेरे दिल से दुआ है कि आप सभी का सिलसिला ज़िन्दगी का इसी तरह आगे बढ़ता रहे.


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