FLY IN THE SKY - Silsila Zindagi Ka
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    FLY IN THE SKY


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    FLY IN THE SKY 



    दोस्तों! उड़ान के बिना ज़िन्दगी अधूरी है. अगर किसी भी इंसान के अंदर उड़ान भरने की चाहत और हिम्मत नहीं है, तो याद रखिये वो इंसान कभी भी अपनी मंज़िल तक नहीं पहुँच सकता है. 
    उड़ान ना सिर्फ इंसान को एक नई दिशा में ले जाती है, बल्कि उस इंसान की पहचान भी इस ज़माने में कराती है. आज के अपने इस पोस्ट में यही बताऊंगा कि कोई भी इंसान अपनी ज़िन्दगी में उड़ान कैसे भर सकता है.

    और सिलसिला ज़िंदगी का चलता रहे इसके लिए आपको उड़ान भरना ज़रूरी है. मेरे इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप ज़रूर कहेंगे OH! Yes! FLY IN THE SKY.

     उड़ान भरने से पहले यह ज़रूर देखें: 
    अगर आप उड़ान भरने की तैयारी कर रहे हैं, अपने मंज़िल की तरफ़ भागने की कोशिश कर रहे हैं तो यह बहुत अच्छी बात है. लेकिन एक बार आप ज़रूर गौर कर लें और ख़ुद  से पूछ लें, क्या मैं सही दिशा में उड़ान भरने जा रहा हूँ? अगर "हाँ" तो बिना देरी किये ही उड़ जाईये और अगर "नहीं" तो रुकिए, सोचिये, फिर सोचिये और जब आपको लगने लगे कि जो उड़ान भरूंगा वो मुझे मेरी तक ले कर जाएगी और फिर आपको आपकी मंज़िल तक पहुँचने से कोई नहीं रोक सकता है. लेकिन आपने ग़लत दिशा में उड़ान भर दी और काफी दूर तक निकल गए तो फिर वापस लौट कर आना मुश्किल है. 

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    हौसलों की उड़ान 
    मंज़िल तक पहुँचने के लिए ज़िंदगी की उड़ान से पहले आप अपने हौसलों को उड़ान दीजिये. क्योंकि आपके हौसलों की उड़ान ही एक दिन दिन आपको आपके मंज़िल तक ले कर जाएगी. अगर आपके अंदर हौसला नहीं  है तो यकीन मानिये, उड़ना तो दूर आप चल भी नहीं सकते हैं. आप लाख प्रयास कर लीजिये हर कदम पर आप असफल ही होएंगे और कभी SUCCESS नहीं हो पाएंगे. इसलिए आप अपने अंदर हौसला पैदा कीजिये।

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    ज़िंदगी की उड़ान 
    उसकी ज़िंदगी ही क्या, जो मर-मर के जिया...जिया तो वो जो अपनी चाहतों को पूरा कर के जिया. 
    दोस्तों!! ज़िन्दगी की उड़ान आपको आपके मंज़िल तक पहुँचने के लिए बहुत ज़रूरी है. ये वो रास्ता है जो एक मुर्दादिल इंसान को भी ज़िंदा बना देता है. अगर आपका रास्ता और आपकी सोच बिलकुल सही है तो उड़ान का भरने का मज़ा और बढ़ जाता है. इतना ही नहीं, आपकी इस उड़ान को दुनिया में एक नई पहचान मिलती है और आप उदाहरण के तौर पर याद किये जाते हैं. इसलिए अपनी ज़िंदगी को एक नई उड़ान दीजिये और देखिये मंज़िल आपका रास्ता देख रही है. 

    उड़ान का मक़सद 
    जब हम छोटे थे.... याद होगा आपको भी. शाम को हमारे ऊपर से चिड़ियों का झुण्ड उड़ते हुए दिखाई देता था. तब हम आपस में बात करते थें... कहाँ जा रहे हैं ये पंछी? कोई कहता- दाने ले कर अपने घोसले में. कोई कहता- फलां गांव में ये रहते हैं पेड़ों पर, वहीं जा रहे हैं. 
    निश्चित तौर पर, उन पंछियों का भी एक मक़सद होता है और कोई ना कोई मंज़िल ज़रूर होती है. 
    इसलिए दोस्तों! उड़ना और उड़ते जाना अच्छी बात है, लेकिन उड़ान का मकसद अगर आपको पता है तो आप पूरे आसमान को माप लेंगे फिर भी नहीं थकेंगे. बल्कि आपके अंदर उड़ने की शक्ति और भी बढ़ती जाएगी.

    जब उड़ो तो, पूरी ताक़त से उड़ो 
    जब उड़ान भरो तो अपनी पूरी ताक़त से उड़ान भरो. इतना उड़ान भरो कि आपकी उड़ान देख कर पर्वत की भी नज़रें झुक जाएँ. अनवरत अपनी मस्ती में, अपने हौसले और जूनून को हथियार बना कर उड़ते जाओ. उड़ते जाओगे, उड़ते जाओगे.... फिर देखना अचानक आपकी मंज़िल आपको दिखाई देगी, जो आपका स्वागत का रही होगी और इधर दुनिया आपकी इस उड़ान पर नाज़ कर रही होगी।

    खुद पर और खुद की उड़ान पर यकीन करो 
    मेरा एक दोस्त, जो बार-बार के प्रयास के बावजूद असफल होता जा रहा था. एक दिन मुझ से पूछा- दोस्त! ये आसमान कितना बड़ा है? मैंने कहा- बहुत बड़ा है आसमान, लेकिन हमारे हौसलों और ज़िन्दगी की उड़ान से बहुत छोटा है. वो कन्फूयज सा पूछा- कैसे ? तो मैंने कहा- अगर आपको खुद पर विश्वास है तो आपकी उड़ान आसमान से भी ऊंची होगी। वो कुछ समझ नहीं पाया और फिर एक साल बाद मुझे मिला और मुझे गले लगाते हुए कहा- दोस्त! मेरी उड़ान के सामने भी आसमान की ऊंचाई छोटी पड़ गयी. क्योंकि मैं तब तक असफल था, जब तक मैं खुद पर और खुद की उड़ान पर यकीन नहीं कर पाया था. जब से मैंने खुद पर भरोसा करना सीखा, ना तो आज मैं थकता हूँ और ना ही कभी हारता हूँ. 
    तो दोस्तों! ख़ुद पर और ख़ुद की उड़ान पर यकीन करना सीखो।

    सही दिशा में उड़ान भरो, मंज़िल ज़रूर मिलेगी 
    मैंने कई लोगों को देखा है, जो रोज़ कोशिश करते हैं. बार-बार प्रयास करते हैं. उड़ते भी हैं उड़ते-उड़ते एक दिन बहुत दूर तक निकल जाते हैं. इतना दूर निकल जाने के बाद भी उन्हें मंज़िल नज़र नहीं आती और इतना थक जाते हैं कि फिर वो वापस लौट कर भी नहीं आ पाते। और ऐसे लोग ही कहते हैं- I Can'nt Get Success In My Life. 
    काश! ऐसे लोग इस बात को समझ पाते कि उनकी उड़ान की दिशा ठीक नहीं थी और जब सही दिशा में जाएंगे नहीं तो मंज़िल को पाएंगे नहीं.
    याद करो- गौतम बुद्ध एक दिन घर से निकल गए और उन्होंने अपनी दिशा में उड़ान भर दी. वो चलते गए. लाख मुश्किलें आईं फिर भी बढ़ते गए. उड़ते गए. क्योंकि उन्हें खुद पर इस बात का भरोसा था कि मेरा रास्ता सही है... यहां से मैं गौतम बन कर जा रहा हूँ, लेकिन जब उड़ान भर कर लौटूंगा तो बुद्ध बन चुका होऊंगा और सचमुच, बुद्ध बन कर ही लौटे गौतम. 

    उड़ान की कहानियां पढ़ो 
    हर वो इंसान जो आज महान है और जिसने अपनी उड़ान से अपनी पहचान बनाई है. उसके बारे में पढ़िए. जैसे- एपीजे अब्दुल कलाम, महेंद्र सिंह धोनी, मास्टर बलास्टर सचिन तेंदुलकर। आपको इनकी कहानिया प्रेरणा देंगी और आपके अंदर उड़ान भरने का हौसला पैदा होगा।

    आपके उड़ान पर ज़माना नाज़ करेगा 
    दोस्तों! जिस दिन आपने उड़ान भरना सीख लिया और अपने परवाज़ पर यकीन कर लिया उस दिन आप वो नहीं रहोगे जो आप हो. बल्कि आप वो हो जाओगे, जो होना चाहते हो. इतना ही नहीं, ये दुनिया में आपकी उड़ान के किस्से सुनाये जाएंगे. आपका उदाहरण दिया जाएगा और हर जुबां पर आपका नाम होगा।

    तो दोस्तों ! अब आप समझ गए होंगे की ज़िंदगी की उड़ान कितना ज़रूरी है? बिना उड़ान के आपकी पहचान नहीं मिलेगी. तो सोचिये मत खुद को पहचानिये, अपनी दिशा तय कीजिये और FLY IN THE SKY. 

    कल फिर एक नया पोस्ट आपके लिए ले कर आऊंगा, जिससे आपको MOTIVATION मिलता रहे और इसी तरह "सिलसिला ज़िंदगी का" चलता रहा. 

    और चलते-चलते-
    खुद  के  मन  में  एक  नया विश्वास पैदा करो|
    अपनी उड़ान से एक नया इतिहास पैदा करो||
















    1 comment:

    1. apni jami apna aakash paida kar
      apne karmo se naya itihash paida kar
      magne se manjil nai milti
      apne har kadam me vishwas paida kr
      thanks dada keep it up

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