जगन्नाथपुरी मंदिर के रहस्य।।Jagnnathpuri mandir ke rahasya - Silsila Zindagi Ka
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    जगन्नाथपुरी मंदिर के रहस्य।।Jagnnathpuri mandir ke rahasya


    Mystery Of Jagnnath Puri Temple

    एक ऐसा मंदिर जिसका झंडा हवा की उल्टी दिशा में लहराता है. 
    एक ऐसा मंदिर जिसकी परछाई नज़र नहीं आती. 
    एक ऐसा मंदिर जिसके ऊपर से आज तक कोई विमान नहीं गुज़रा. 
    एक ऐसा मंदिर जिसके ऊपर आज तक कोई पछी नहीं बैठा. 
    आईये चलते हैं और रहस्यों से भरे इस मंदिर के बारे में जानते हैं. 

                                        



    भारत (India) देश की संस्कृति दुनिया की  सर्वोत्तम  संस्कृति है. इसकी गौरव गाथा  और इसका इतिहास दुनिया में सबसे अलग  है।  तभी तो कहा जाता है 'भारत महान". इस देश के जितने रंग हैं, यहां उतनी ही कलाएं और भाषाएँ भी हैं. युग-युगांतर से अपना अस्तित्व लिए आज भी अडिग खड़ा यह देश कई इतिहासों और कई रहस्यों को अपने दिल में छुपाये बैठा है. इस देश में जितने रहस्य हैं, शायद और कहीं नहीं. 

    आज मैं "सिलिसला ज़िंदगी का" के माध्यम से आपको एक ऐसे ही रहस्य से अवगत कराने जा रहा हूँ, जिसे सुन कर आप चौक जायेंगें. जब मैंने भी सुना तो मुझे यकीन नहीं हुआ. इसके बारे में मैंने खोजबीन किया. फिर मुझे विश्वास हुआ कि जो मैं बताने जा रहा हूँ वो कोई कहानी नहीं, बल्कि एक रहस्य है. 

    तो आईये मैं आपको ले कर चलता हूँ, जगन्नाथपुरी धाम (Jagnnath Puri Dham). जो कि भारत के चार धामों में से एक है और यह स्थित है उड़ीसा राज्य के पुरी शहर में.  यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है. इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और अपनी बहन सुभद्रा के साथ निवास करते हैं. यहां हर साल आषाढ़ के महीने में दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं. 

    इस मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में हुआ था और गुज़रते समय के साथ इस मंदिर का आकार बदलता गया और देखते-देखते यही बदलता हुआ आकार एक ऐसे मंदिर का रूप धारण कर लिया जिसका रहस्यों और चमत्कारों को आज तक कोई पता नहीं लगा पाया. आखिर क्या हैं ये रहस्य? आईये जानते हैं. 
    Mystery 1

    आप तस्वीर में देख सकते हैं. मंदिर के गुम्बद पर एक झंडा लहरा रहा है. देखने में आपको यह झंडा बेहद ही सामान्य लगे. लेकिन इसका रहस्य चौकाने वाला है. क्योंकि गुंबद पर लगा हुआ यह झंडा हवा की उल्टी दिशा में हमेशा लहराता रहता है और इस झंडे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इस झंडे को शहर के किसी भी कोने से देख सकते हैं. आखिर हवा की उल्टी दिशा में हमेशा क्यों लहराता है यह झंडा इसका रहस्य कई वैज्ञानिकों ने पता करने की कोशिश की, लेकिन आज तक वे लोग पता नहीं लगा पाए.

                                 

    Mystery 2

    आपने देखा होगा कि हर मंदिर के गुम्बद पर पछी जा कर बैठ जाती हैं. लेकिन जगन्नाथ पूरी के इस मंदिर के गुम्बद पर तो क्या, इसके आस-पास भी आज तक कोई पछी नहीं बैठा. सैकड़ों साल हो गए, आज तक किसी ने कभी भी मंदिर के इस गुम्बद पर किसी भी पछी को बैठे नहीं देखा.

    Mystery 3
    कहते हैं कि आज तक इस मंदिर के ऊपर से आज तक कोई भी विमान नहीं गुज़र पाया. आस-पास से गुजरने वाले विमानों का रास्ता अपने आप ही बदल जाता है. ऐसा क्यों होता है, आज तक कोई भी नहीं जान पाया. 

    Mystery 4
    यह मंदिर लगभग 4000 वर्ग में फैला है और इसकी ऊंचाई २१५ फुट है. आप लाख कोशिश कर लें, लेकिन मंदिर के आस-पास खड़े हो कर इस गुम्बद को आप नहीं देख सकते. इतना ही नहीं, इस मंदिर की छाया दिन में कभी भी किसी भी दिशा में नज़र नहीं आती. 

    Mystery 5
    मंदिर के ऊपर अष्टधातु से बना सुदर्शन चक्र शहर के किसी भी कोने से नज़र आ जाता है. 

    Mystery 6 
    यहां रोज़ हज़ारो लोगों का खाना पकाया जाता है और सबसे वडी बात यह है कि यह परम्परा इस मंदिर में सदियों से चली आ रही है. यहां रोज़ 800 लोग मिल कर खाना पकाते हैं. आज भी इस मंदिर में मिट्टी के बर्तनों में ही खाना पकाया जाता है. इतना ही नहीं, यहां पकने वाला खाना या प्रसाद ७ बर्तनों में रखा जाता है और एक-दूसरे के ऊपर रखा जाता है और सबसे चौकाने वाली बात तो यह कि सबसे ऊपर रखे हुए बर्तन का खाना सबसे पहले पकता है. आज भी यह रहस्य है कि आखिर क्यों ऐसा होता है. जबकि सबसे तेज़ आंच नीचे वाले बर्तन पर लगता है. 

                                       


    Mystery 7
    पुरी के इस मंदिर के गुम्बद पर लगे हुए झंडे को जो भी बदलने के लिए ऊपर चढ़ता है उसे उल्टा चढ़ना  होता है. और जो भी शख्स झंडा बदलने के लिए ऊपर चढ़ता है उसे २१४ फ़ीट के इस मंदिर पर उल्टा ही चढ़ना होता है और यह मान्यता सदियों से चली आ रही है. 

    Mystery 8
    जगनाथ पुरी के इस मंदिर के पास ही समंदर  बहता है और आप मंदिर में भी रहेंगे तो आपको समंदर की आवाज़ सुनाई पड़ती है. लेकिन इस मंदिर के प्रांगण में एक सिंह द्वार है. जैसे ही आप इस द्वार को पार करेंगें, समंदर की आवाज़ आनी बंद हो जाएगी और दूसरे मंदिर में जाते ही फिर समंदर की आवाज़ सुनाई देने लगेगी. 

    Mystery 9
    हर साल यहां जगन्नाथ की यात्रा निकलती है और उस दिन बारिश होती ही होती है. कोई भी साल ऐसा नहीं है, जिस दिन जगन्नाथ यात्रा निकली हो और बारिश ना हुई हो. 

    दोस्तों! ये हैं जगन्नाथ पुरी मंदिर के ऐसे रहस्य जो आज तक रहस्य ही हैं. क्योंकि आज तक इन रहस्यों का कोई भी पता नहीं लगा पाया. 

    आखिर यहां क्या है ऐसा जो ये चमत्कार होते हैं? और वो भी एक से बढ़ कर एक चौकाने वाले चमत्कार. एक बात तो निश्चित है कि कृष्ण का चमत्कार हर युग में बरकरार है और हमेशा रहेगा. आपको हमारा यह लेख कैसा लगा, ज़रूर बताईयेगा. 

    अगले पोस्ट में एक नए रहस्य के साथ आपसे जल्द मिलूंगा. आप जुड़े रहिये हमारे ब्लॉग "सिलसिला ज़िंदगी का" के साथ.

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