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    मार्क जुकरबर्ग- जिन्होंने दुनिया को Facebook का आईना दिखाया

    Mark Zukerberg

    Image source: Time Magazine

    जब बाकी बच्चे कंप्यूटर पर गेम खेल रहे होते थे, तब Mark Zukerberg कम्पयूटर पर गेम बनाना सीख रहे होते थे। यही फ़र्क था अन्य बच्चों में और Mark Zukerberg में। कोई नहीं जानता था कि यही छोटा लड़का आगे चल कर पूरी दुनिया को इतना बड़ा प्लेटफॉर्म देगा, जिसे लोग Facebook कहेंगे और यह प्लेटफार्म हर इंसान के जीवन का अहम हिस्सा बन जायेगा।
    दोस्तों!  आज मैं अपने ब्लॉग "Silsila Zindagi Ka" के माध्यम से आपको Facebook के निर्माता Mark Zukerberg के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिनकी जीवनी हर किसी के लिए प्रेरणादाई है।

    आसान नहीं है बड़ा बनना
    यह सच है कि आसान नहीं है बड़ा बनना, लेकिन यह भी सच है कि मुश्किल भी नहीं है बड़ा बनना। मगर बड़ा बनने के लिए एक शुरुवात की ज़रूरत नहीं होती है। सिर्फ सोचने से कुछ नहीं हो जाता। जैसा कि। Mark Zukerberg ने किया। Facebook को पहले कुछ सीमित संख्या में पहुंचाया और फिर आज पूरी दुनिया में। आज Facebook की कमाई हर मिनट सैकड़ों डॉलर है।

    Mark Zukerberg का शुरुवाती सफर

    Mark Zukerberg का जन्म 14 मई, 1984 को Newyork शहर में हुआ था। इनके पिता एक दन्त चिकित्सक थे और इनकी माता मनोचिकित्सक थीं। Mark Zukerberg ने सबसे पहले Software programing अपने पिता से सीखा और सबसे पहला  उन्होंने जो Software बनाया वो था ZUCKNET, जिसे एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में बातचीत करने के लिए उपयोग किया जाता था। Mark Zukerberg का यही पहला परीक्षण का दौर था, जो साबित कर दिया था कि यह लड़का लंबी रेस का घोड़ा है।

    Facemash साइट का निर्माण
    इसके बाद Mark Zukerberg ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिल कर 2003 में, Facemash नामक साइट को डिजाइन किया, जिसका उपयोग एक छात्र, दूसरे छात्र के फोटो के लिए "हॉट" या "नॉट" रेटिंग कर सकता था। इतना ही नहीं, अपनी स्कूल लाइफ के दौर में ही Mark Zukerberg ने एक म्यूजिक प्लेयर का निर्माण किया, जिसका नाम था Synapse Media Player.

    Facebook ने बदल दिया जीवन
    आज Facebook दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट है।  Facebook का नाम आते ही लोगों की जुबां पर Mark Zukerberg का नाम खुद-ब-खुद आ जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि Facebook कैसे बना? 
    Mark Zukerberg अपने दोस्तों के साथ कई Software और sites का निर्माण करते जा रहे थे। उनके द्वारा बनाया गया हर सॉफ्टवेयर सफल होता जा रहा था।
    जब Mark Zuberberg, Harvard University में पढ़ाई कर रहे थे, तो एक दिन एक अमेरिकी कारोबारी, जिनका नाम दिव्य नरेंद्र था, उन्होंने Mark Zukerberg से  Havarad Connection नामक एक सोशल नेटवर्किंग साइट बनाने को कहा। Mark Zukerberg को दिव्य नरेंद्र का यह आयडिया बहुत अच्छा लगा और उनके मन में यह विचार आया कि क्यों ना मैं कोई अपना सोशल नेटवर्किंग साइट तैयार करूं? और इसी thinking ने Mark Zukerberg की ज़िन्दगी को बदल डाला।
    Mark Zukerberg ने एक डोमेन नेम खरीद रकहा था, जिसका नाम था thefacebook.com, जो आज पूरी दुनिया में Facebook के नाम से मशहूर है।

    छोटे तौर पर हुई शुरुआत
    The Facebook का उपयोग स्कूल जीवन में ही Mark Zukerberg द्वारा कर लिया गया था और इसका उपयोग सभी छात्र स्कूल में एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए किया करते थे।

    Mark Zukerberg की बड़ी सोच
    Mark Zukerberg ने देखा कि Facebook बातचीत करने का आसान ज़रिया लग रहा है। तो क्यों नहीं मैं इसे अन्य स्कूलों में पहुंचाऊं? फिर क्या Mark Zukerberg ने Facebook को अन्य शहरों के कई स्कूलों में पहुंचाया और वहाँ भी सभी छात्र इसे पसंद करने लगे।

    अब वक्त था बड़े पैमाने पर पहुंचाने का
    कहते हैं कि बड़ा करने वालों की सोच भी हमेशा बड़ी ही होती है। जब Mark Zukerberg ने देखा कि स्कूल में सभी छात्र इसे उपयोग कर के संतुष्ट हैं और यह उपयोग करने में भी बेहद आसान है, तो क्यों नहीं इसे बड़े लेवल तक ले जाया जाए। यही दौर था Mark Zukerberg के बड़ी सोच का और यही सफर था उनके महान बनने का। धीरे-धीरे Facebook का प्रचार प्रसार होना शुरू हो गया और आज के दौर में आप देख सकते हैं- Facebook लोगों की ज़िंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

    23 साल की उम्र में करोड़पति
    आपको बता दें कि Facebook इस क़दर लोगों के बीच प्रसिद्ध हुआ कि लोग इस के दीवाने हो गए। आलम ये हो गया कि हर मोबाइल में Facebook। इसी का परिणाम रहा कि Mark Zukerberg मात्र 23 साल की उम्र में ही करोड़पति बन गए। 
    October 2006 का वो दौर था, जब फेसबुक को 50 करोड़ लोगों ने Join कर लिया।  Facebook के इस प्रचलन को देखते हुए Yahoo! ने Mark Zukerberg से Facebook को 1 अरब डॉलर में खरीदनी की शर्त रखी, जिसे Mark Zukerberg ने ठुकरा दिया।

    Mark Zukerberg का नाम हर लब पर था
    इसके बाद Mark Zukeberg सोशल netwokting Site के बादशाह बन गए। एक क्रांति सी ला दिया उन्होंने सोशल साइट की दुनिया में। Mark Zukerberg का नाम हर किसी के लब पर जैसे ठहर गया।

    अब बारी थी Whatsapp को हाथ में लेने की
    Mark Zukerberg अभी रुकने वाले नहीं थे। उन्होंने Facebook के अलावा और भी कई Software का निर्माण किया जैसे internet.org।
    इसके अलावा बड़ा चांस पे डांस Mark Zukerberg ने तब मारा, जब उन्होंने देखा कि Whatsapp बहुत प्रचलित हो रहा है और उन्होंने Whatsapp को 20 बिलियन डॉलर में खरीद लिया।

    Conclusion
    तो दोस्तों! यह थी Facebook के CEO Mark Zukerberg की कहानी। जो हमें शिक्षा देती है कि बड़ा बनने के लिए आपकी सोच भी बड़ी होनी चाहिए। चाहे कितनी भी मुश्किल घड़ी क्यों ना आ जाये, घबराइए नहीं, सब्र करिए, यह घड़ी भी गुज़र जाएगी।
    आपको कैसी लगी Mark Zukerberg की जीवनी, हमें ज़रूर बताइये। मिलते हैं ज़ल्द ही एक नए विषय के साथ। जुड़े रहिये आप हमारे Blog "Silsila Zindagi Ka" से।

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