दियारा उच्च विद्यालय कारनामेपुर वर्षों से अडिग खड़ा है।। Diyara Uchch Vidyalay Karnamepur - Silsila Zindagi Ka
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    दियारा उच्च विद्यालय कारनामेपुर वर्षों से अडिग खड़ा है।। Diyara Uchch Vidyalay Karnamepur

    DIYARA HIGH SCHOOL KARNAMEPUR

    मैं कई वर्षों से देख रहा हूँ। दुनिया को बदलते हुए, लोगों को बदलते हुए, समाज को बदलते हुए, गाँव को बदलते हुए।
    लेकिन अभी तक नहीं बदलते देखा तो उस स्कूल को जिसका नाम "दियारा उच्च विद्यालय" है। कारनामेपुर में स्थित यह स्कूल आज भी अपना अस्तित्व लिए हुए अडिग वर्षों से खड़ा है और जाने कितने विद्यार्थियों के सफल और असफल जीवन की कहानी को बयाँ करता है।
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    जब हम इस स्कूल में पढ़ते थे तो क्या रौनक थी? तब पढ़ाई भी बहुत अच्छी होती थी और विद्यार्थी भी जी जान से पढ़ाई करते थे। तब शायद हम सोशल मीडिया से कोसों दूर थे। हमारे पास तब सिंपल मोबाइल भी नहीं हुआ करता था। शरीर पर स्कूल ड्रेस और हाथ में किताबें। हम जितनी लगन से स्कूल में पढ़ने जाते थें, शिक्षक भी उतनी ही लगन से हमें पढ़ाते थे।
    मुझे नहीं पता "दियारा उच्च विद्यालय" का अब क्या माहौल है? लेकिन अपना हम ज़रूर बता सकते हैं। वक़्त के साथ हमारे दौर के कुछ शिक्षक बूढ़े हो चले हैं और कुछ दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। लेकिन उनका ही दिखाया हुआ वो मार्ग था जिसकी बदौलत सफ़र कर के आज हम यहाँ पहुँच चुके हैं।
    हमारे कुछ बैचमेट सोशल मीडिया के जरूर एक दूसरे स्व बातें करते हैं। अच्छा लगता है। 

    सभी की आन, बान और शान ....दियारा उच्च विद्यालय एक ऐसा शिक्षा का मंदिर है जहाँ से निकल कर कई विद्यार्थी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने नाम का परचम लहरा रहे हैं। यही वो स्कूल है, जहाँ से पहली बार हमने वास्तविक पढ़ाई का मायने समझा। यही से हमारी ज़िंदगी के उत्थान की कहानी शुरू होती है।
    सबके लिए केंद्र है "दियारा उच्च विद्यालय"। यहाँ अलग-अलग कई गाँवों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। यही पर शिक्षा का संगम है और यही से शुरू होती है एक अनजाने सफ़र पर निडर हो कर चलने का सिलसिला।
    यह महज शिक्षा का ही स्थल नहीं है बल्कि यही से शुरू होता है हर विद्यार्थी का सफ़र और "सिलसिला ज़िन्दगी का"।

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