DEAR ZINDAGI - Silsila Zindagi Ka
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    DEAR ZINDAGI

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    DEAR ZINDAGI
    मुझे अपनी ज़िंदगी से रु-ब-रु हुये काफी समय हो गया था। व्यस्तता की वज़ह से बहुत दिन हो गए थे ज़िन्दगी से बात किये हुए। पर आज लम्बे समय बाद लम्बे सफ़र पर निकला हूँ। और इसी सफ़र में ज़िन्दगी मेरे सामने आ कर खड़ी हो गई और मेरे मुँह से निकल पड़ा ओ मेरी "DEAR ZINDAGI"!

    DEAR ZINDAGI I LOVE YOU

    मैंने जैसे ही ज़िन्दगी को सामने देखा मेरे मुंह से निकल गया DEAR ZINDAGI I LOVE YOU और मेरी ज़िंदगी ने मुस्कुरा दिया। 


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    हर वो इंसान जिसे अपनी ज़िंदगी से मोहब्बत है और अगर ज़िन्दगी को उससे मोहब्बत है तो यकीन मानिए, वो इंसान बहुत ख़ुशनसीब है।

    क्योंकि ज़िन्दगी से मोहब्बत करना यानि कि खुद से मोहब्बत करना और जो खुद से मोहब्बत करता है वो बहुत दूर तक जाता है।

    क्या आपने कभी अपनी ज़िन्दगी से बात की है?
    दोस्तों! क्या आपने कभी अपनी ज़िंदगी से बात की है? ज़वाब मिलेगा नहीं! मुझे पता है कोई भी इंसान अपनी ज़िंदगी से रु-ब-रु ना तो जल्दी होता है और ना ही होना चाहता है और कुछ लोगों को तो पता भी नहीं कि ज़िन्दगी है क्या? क्योंकि उन्हें तो लगता है वो जैसे जीते हैं, जहां जीते हैं, जिस तरह और जिसके साथ जीते हैं- उसे ही ज़िन्दगी कहते हैं।

    लेकिन क्या सचमुच वही ज़िन्दगी है। क्या इसी को कहते हैं DEAR ZINDAGI से रु-ब-रु होना?
    नहीं, बिल्कुल नहीं। आपको मैं बता दूं कि जिस दीना आप अपनी ज़िंदगी से रु-ब-रु होना, मुलाक़ात करना शुरू कर देंगे, उस दिन से आपके जीवन में CHANGING होना शुरु हो जाएगा। और जो बदलाव होंगे, कुछ ऐसे होंगे।

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    1. आप हर हाल में मुस्कुराओगे: 
    जिस दिन आपने ज़िन्दगी से प्यार करना और रु-ब-रु होना सीख लिया , उस दिन से आपके जीवन में पहला बदलाव यह आएगा कि आप हर हाल में मुस्कुराओगे। और जिस लैब वे मुस्कान है, वहाँ ग़मों का कहाँ नामो-निशान है।

    2. आप खुद की काबिलियत को पहचानोगे:
    एक बात मैं आपसे यकीन के साथ कह सकता हूँ- जिस दिन आपने खुद से यानि अपनी ज़िंदगी से बातचीत करना शुरू कर दिया- उस दिन से तुम ये पहचान जाओगे- तुम कौन हो? तुम किसलिए बने हो? दूसरा तुम्हारा काबिलियत के बारे में जानते हुए भी छुपा सकता है लेकिन तुम्हारी ज़िन्दगी तुमसे कभी झूठ नहीं बोलेगी।

    3. तुम्हारी जीत निश्चित है:
    याद रखना, यह मेरा निज़ी अनुभव है। सारी दुनिया अगर कह रही है कि तुम ये नहीं कर सकते हो, लेकिन तुम्हारी ज़िन्दगी तुमसे कह रही है- YES, YOU CAN DO IT...तो तुम अपनी ज़िन्दगी की बात पर यक़ीन करना, फिर देखना तुम्हारी जीत निश्चित है।

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    4. जो तुम चाहोगे वही होगा:
    अपनी ज़िंदगी से बात करना सीख लो। अपनी ज़िन्दगी से रु-ब-रु होना सिख लो। फिर तुम देखना, जो तुम चाहोगे वही होगा। जो तुम प्राप्त करने को सोचोगे वो ज़रूर मिलेगा। क्योंकि ज़िन्दगी तुम्हारे साथ है। और जिसकी ज़िन्दगी जिसके साथ है, तो फिर चिंता की क्या बात है?

    5. तुम महान बन जाओगे: 
    एक बात याद रखना, जिसने भी अपनी ज़िंदगी से प्यार किया। जो भी अपनी ज़िंदगी से रु-ब-रु हुआ, उसे महान बनने से कोई नहीं रोक पाया। जितने भी महान लोगों के ऊपर लिखीं गई कहानियां हैं, फिल्में हैं या कुछ और। तुम देखना और पढ़ना। शुरुवात में वो भी नार्मल बन कर, असफ़ल होते हुए, ठोकरें खाते हुए आगे बढ़ रहे थें। क्योंकि तब तक उन्होंने खुद को अपनी ज़िन्दगी से रु-ब-रु नहीं किया था। लेकिन जिस दिन से उन लोगों ने खुद को अपनी ज़िंदगी से रु-ब-रु कर लिया, वो महान बन गए।

    दोस्तों! अपनी ज़िंदगी से बात करो। अपनी ज़िंदगी से मिलो। उससे तुम उसकी दास्ताँ सुनो और उसे तुम अपनी दास्तां सुनाओ।

    तुम्हारी ज़िन्दगी से बेहतर तुम्हारे बारे में कोई नहीं जानता है। इसलिए कभी भी, किसी भी परिस्थिति में तुम्हें कितना भी बड़ा फैसला क्यों ना लेना हो अपनी DEAR ZINDAGI से पूछना, वो जो भी बताएगी सच बताएगी। 

    तो दोस्तों! अपनी ज़िंदगी को अपने पास बुलाओ। उसे गले लगाओ। मुस्कुराओ, उससे बातें करो और कहो- DEAR ZINDAGI हमेशा मेरे साथ रहना।
    और जिससे रु-ब-रु जिसकी ज़िन्दगी हो गई- उसका सिलसिला ज़िन्दगी का हमेेशा चलता रहेेेगा।

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